Wednesday, January 14, 2026

Shivanand Tiwari : क्या है ऐसी मजबूरी कि नीतीश हो गये सबके लिए जरुरी ?

नई दिल्ली : अब जब कि ये लगभग साफ हो गया है कि बिहार सीएम नीतीश कुमार 24 से 48 घंटों में आरजेडी को छोड़ बीजेपी के संग मिलकर बिहार में NDA की सरकार बनाने के लिए तैयारी  हैं,तब आरजेडी के वरिष्ठ नेता Shivanand Tiwari का बयान सामने आया है , जिसमें उन्होंने सीएम नीतीश के बार बार पल्टी मारने के बारे में बात की. समाचार एजेंसी ANI को दिये  एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि जो बातें कही जा रही है, उनपर भरोसा नहीं हो रहा है. जब तक ये हो नहीं जाता है, मान नहीं सकते क्योंकि जब नीतीश जी ने NDA छोड़ा था तो कहा था कि “ मर जाना कबूल है लेकिन उनके साथ जाना कबूल नहीं है”

 

Shivanand Tiwari – मैंने किया नीतीश कुमार को फोन… 

शिवानंद तिवारी ने कहा कि उन्होंने जब ये सब सुना तो नीतीश कुमार से बात करनी चाही, उनके ऑफिस में फोन भी किया लेकिन उन्हें समय नहीं मिला. सीएम की तरफ से समय की कमी बता कर बाद में मिलने की बात कही गई.  शिवानंद तिवारी ने कहा कि ये विश्वास करने लायक बात नहीं है कि जिस पार्टी ने उन्हें छोडने पर इतनी खराब भाषा का प्रयोग किया था,एक बार फिर से उसी पार्टी के साथ जा रहे हैं.  केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने आम सभा में हजारों लोगों के सामने कहा कि नीतीश बाबू के लिए उनकी पार्टी में कोई जगह नहीं है. अगर वो आना भी चाहे तो उनके लिए सारे दरवाजे बंद हैं.

नीतीश कुमार के धुर विरोधी गिरीराज सिंह हुए असहज 

हलांकि बीजेपी के कुछ नेता भी इस पार्टी इस फैसले को लेकर असहज दिख रहे हैं. बिहार के बेगुसराय के सासंद और केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने कहा कि उनके अच्छा लगने ना लगने से क्या होता है, पार्टी हित में जो हो रहा है वो ठीक है.

आपक बता दें कि जब पिछली बार नीतीश कुमार ने एनडीए छोड़ते हुए आरजेडी के साथ मिलकर बिहार में सरकार बनाई थी, तब बीजेपी के  केंद्रीय नेतृत्व से लेकर निचले पायदन तक के नेताओं ने नीतीश कुमार के लिए कहा था कि नीतीश कुमार के लिए पार्टी के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो गये .वहीं खुद नीतीश कुमार ने कहा कि उन्हें मर जना मंजूर होगा लेकिन बीजेपी के साथ नहीं जायेंगे. अब सोशळल मीडिया पर लोग उनके इस बयान को याद कर रहे हैं.

राजनीतिक में कभी दरवाजे बंद नहीं होते …

राजनीति का खेल निराला है. एक तरफ इंडिया गठबंधन में ममता बैनर्जी और कांग्रेस के रुप मे बदलाब के बाद गठबंधन कमजोर हो रहा है तो नीतीश कुमार ने एक बार फिर से एनडीए के साथ जाने का फैसला कर लिया. सूत्रों की माने तो  बिहार की सियासत में शनिवार का दिन बेहद खास हो सकता है. अगर लालू प्रसाद यादव विधायकों के जोड़ने में सफल हो जाते हैं तो स्थिति अलग होगी , लेकिन अगर लालू प्रसाद यादव बाकी बचे 4 विधायकों का इंतजाम नही कर पाते हैं तो एक से दो दिन के अंदर बिहार में जेडीयू-बीजेपी की सरकार  बन सकती है. नीतीश कुमार सीएम और सुशील मोदी डिप्टी सीएम बन सकते हैं.

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