राम मंदिर चंदा चोरी मामले में CJI की अहम टिप्पणी,बोले- जांच को तार्किक परिणाम तक पहुंचाएं

Ram Mandir Supreme Court नई दिल्ली : अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने जांच एजेंसी को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि मामले की जांच को “तार्किक परिणाम” तक पहुंचाने का प्रयास किया जाए.

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंप चुकी है और एसआईटी प्रमुख भी अदालत में मौजूद हैं.

Ram Mandir Supreme Court : CJI ने कहा- बेहतर जांच चाहते हैं तो आपकी बात भी सुनेंगे

सुनवाई के दौरान निर्मोही अखाड़ा की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि इस मामले में उनकी भी एक याचिका है, लेकिन उसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं किया गया.

इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि यदि वे बेहतर और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं तो अदालत उनकी बात भी सुनेगी. हालांकि, जब निर्मोही अखाड़ा की ओर से यह कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसले का पूरी तरह पालन भी सुनिश्चित किया जाए, तो सॉलिसिटर जनरल ने इसे मौजूदा जांच से असंबंधित मुद्दा बताया.

SIT रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग पर क्या बोला कोर्ट?

सुनवाई के दौरान एक वकील ने एसआईटी की रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की. इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि आपराधिक मामलों की जांच के दौरान ऐसी रिपोर्ट आम तौर पर सार्वजनिक नहीं की जाती और उसे केवल अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है.

इसके बाद अदालत ने जांच प्रक्रिया को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया और कहा कि फिलहाल जांच अपने निर्धारित कानूनी दायरे में आगे बढ़ रही है.

फॉरेंसिक ऑडिटर की मदद से हो रही है जांच

CJI सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान बताया कि एसआईटी इस मामले की जांच फॉरेंसिक ऑडिटर की सहायता से कर रही है. उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या पक्ष के पास जांच को लेकर कोई महत्वपूर्ण सुझाव है तो वह उसे सॉलिसिटर जनरल को उपलब्ध करा सकता है.

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल ऐसे सुझावों को एसआईटी तक पहुंचाएंगे और जांच एजेंसी उन पर उचित विचार करेगी. इससे जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है.

तीन सप्ताह बाद फिर हो सकती है सुनवाई

सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने सॉलिसिटर जनरल से पूछा कि जांच पूरी करने में कितना समय लग सकता है. जवाब में सॉलिसिटर जनरल ने अदालत से तीन सप्ताह बाद मामले को दोबारा सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया.

इस पर CJI ने कहा कि जांच एजेंसी को इस अवधि का उपयोग करते हुए मामले को तार्किक और निष्कर्षात्मक परिणाम तक पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए.

क्या है राम मंदिर चंदा चोरी मामला?

राम मंदिर चंदा चोरी मामला अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े चंदे के उपयोग को लेकर उठे विवादों से जुड़ा है. मामले में वित्तीय लेनदेन और धन के उपयोग को लेकर विभिन्न पक्षों ने सवाल उठाए हैं, जिसके बाद मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी.

जांच एजेंसी वित्तीय दस्तावेजों, लेनदेन के रिकॉर्ड और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच कर रही है. इसी क्रम में फॉरेंसिक ऑडिट भी कराया जा रहा है, ताकि धन के प्रवाह और उपयोग की सटीक जानकारी सामने आ सके.

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