Wednesday, March 4, 2026

Rahul Gandhi Vs ECI: ‘ब्लॉक्ड, ब्लॉक्ड, ब्लॉक्ड’, राहुल का चुनाव आयोग के ‘वोटर चोरी’ के आरोपों को निराधार बताने पर आया जवाब

Rahul Gandhi Vs ECI: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) पर अपना हमला तेज कर दिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कर्नाटक के अलंद निर्वाचन क्षेत्र में कथित तौर पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने की जांच को रोकने का आरोप लगाया.

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के पोस्ट का दिया जवाब

कांग्रेस नेता ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, ” हमारे अलंड उम्मीदवार द्वारा धोखाधड़ी का पर्दाफ़ाश करने के बाद, स्थानीय चुनाव आयोग अधिकारी ने एक प्राथमिकी दर्ज की, लेकिन सीआईडी जाँच को – मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा रोक दिया गया है.
कर्नाटक सीआईडी ने 18 महीनों में 18 पत्र लिखकर सभी सबूत मांगे हैं – मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा रोक दिया गया है.
कर्नाटक चुनाव आयोग ने जाँच का अनुपालन करने के लिए चुनाव आयोग को कई अनुरोध भेजे हैं – मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा रोक दिया गया है.”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि अगर “वोट चोरी” का पता नहीं चलता और 6,018 वोट हटा दिए जाते, तो उनका उम्मीदवार चुनाव हार सकता था.

राहुल गांधी ने लिखा, “गंतव्य आईपी, डिवाइस पोर्ट और ओटीपी ट्रेल्स का विवरण रोक दिया गया है – मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा ब्लॉक कर दिया गया है. अगर यह वोट चोरी पकड़ी नहीं जाती और 6,018 वोट हटा दिए जाते, तो हमारा उम्मीदवार चुनाव हार सकता था. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार – बहाने बनाना बंद करें. कर्नाटक सीआईडी को सबूत तुरंत सौंपें.”
राहुल गांधी का ये पोस्ट चुनाव आयोग द्वारा #ECIFactCheck टैग वाले एक पोस्ट के बाद आया जिसमें चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों का तुरंत खंडन करने और उनके दावों को “गलत और निराधार” बताया था.

‘vote chori’ PC 2.0 में राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाए थे

गुरुवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, कांग्रेस नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर “वोट चोरों” और “लोकतंत्र को नष्ट करने वालों” को बचाने का आरोप लगाया था. उन्होंने अलंद निर्वाचन क्षेत्र के आंकड़ों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि चुनाव से पहले कांग्रेस समर्थकों के नाम व्यवस्थित रूप से हटाए जा रहे थे.
उन्होंने कहा कि अलंद में किसी ने 6,018 वोट हटाने की कोशिश की और संयोगवश पकड़ा गया.

“श्री राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप गलत और निराधार हैं”-ECI

चुनाव आयोग ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट लिख राहुल गांधी के आरोपी को निराधार बताया. चुनाव आयोग ने अपने पोस्ट में लिखा, “श्री राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप गलत और निराधार हैं.” आयोग ने अपनी पोस्ट में एक तस्वीर शेयर की जिसमें राहुल प्रेस कॉन्फ्रेंस करते दिख रहे है और उसपर एक स्टेंप लगा है जिसपर लिखा है गलत. साथ ही राहुल के दावों को तीन प्वाइंट में गलत बताते हुए जानकारी भी साझा की गई है.
अधिकारियों ने आगे स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया के मतदाता सूची से नहीं हटाया जा सकता. “प्रभावित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिए बिना नाम नहीं हटाया जा सकता.”
1-किसी भी वोट को ऑनलाइन किसी भी आम आदमी द्वारा डिलीट नहीं किया जा सकता, जैसा कि श्री राहुल गांधी ने गलत धारणा बना रखी है.
2-कर्नाटक के अलंद में 2023 में मतदाताओं के नाम धोखाधड़ी से हटाने के प्रयास किए गए थे, इस मामले में खुद चुनाव आयोग ने जाँच सुनिश्चित करने के लिए स्वयं एक प्राथमिकी दर्ज की थी.
3- रिकॉर्ड के मुताबिक अलंद में चुनाव निष्पक्ष रहे, जहाँ 2018 में भाजपा के सुभाध गुट्टेदार और 2023 में कांग्रेस के बीआर पाटिल ने जीत हासिल की.

Rahul Gandhi Vs ECI: कर्नाटक चुनाव आयोग ने सीआईडी जांच पर क्या कहा

राहुल गांधी ने यह भी दावा किया था कि कर्नाटक सीआईडी ने 18 महीनों में चुनाव आयोग को 18 पत्र भेजे हैं, जिनमें गंतव्य आईपी एड्रेस और ओटीपी ट्रेल्स जैसी जानकारी मांगी गई है. उन्होंने आरोप लगाया, “वे इसे इसलिए नहीं दे रहे हैं क्योंकि इससे हमें पता चल जाएगा कि यह ऑपरेशन कहाँ चल रहा है.”
बाद में, कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले 6,018 वोटों को हटाने के कथित प्रयासों के संबंध में चुनाव आयोग के पास उपलब्ध सभी जानकारी कलबुर्गी के पुलिस अधीक्षक के साथ पहले ही साझा कर दी गई है.
इसमें कहा गया है कि मामले में प्राथमिकी चुनाव पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) द्वारा दर्ज की गई थी, जो चुनाव आयोग के अधीन काम करते हैं, और सीईओ जाँच एजेंसी द्वारा मांगी गई सभी सहायता, जानकारी और दस्तावेज़ प्रदान कर रहे हैं.
सीईओ कार्यालय के एक नोट में कहा गया है, “ईसीआई द्वारा दिए गए निर्देशों के आधार पर, कर्नाटक के सीईओ ने 06.09.2023 को कलबुर्गी जिले के पुलिस अधीक्षक को जांच पूरी करने के लिए ईसीआई के पास उपलब्ध सभी जानकारी सौंप दी है.”

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