Rahul Gandhi Hathras Visit: पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद लौटे दिल्ली, परिवार बोला-“न घर मिला न नौकरी”

Rahul Gandhi Hathras Visit: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी 2020 की घटना में बलात्कार पीड़िता के परिवार से मिलने हाथरस के बूलगढ़ी गांव पहुंचे. जानकारी के मुताबिक इस साल जुलाई में परिवार ने राहुल गांधी से संपर्क साधा था और मदद की गुहार लगाई थी.
परिवार ने राहुल गांधी को बताया था कि घटना के समय परिवार से किए घर और सरकारी नौकरी के वादे को पूरा नहीं किया गया है. इसके अलावा परिवार ने जानकारी दी थी कि मामले में दोषी 4 में से तीन लोगों को बरी कर दिया गया है. परिवार इस मामले को अब हाईकोर्ट में ले जा रहा है.

Rahul Gandhi Hathras Visit: आज की मुलाकात में क्या हुआ

राहुल गांधी के पहुंचने से पहले परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. पहले ही परिवार पिछले 4 साल से सुरक्षा घेरे में है. राहुल गांधी ने परिवार से मुलाकात के दौरान एक प्रशासनिक अधिकारी को अंदर बुलाया था. अभी तक ये साफ नहीं है कि क्या बाद हुई. लेकिन मुलाकात के बाद राहुल दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं.

बीजेपी को राहुल का हाथरस आना नहीं भाया

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के हाथरस जाने पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, “राहुल गांधी, आपमें निराशा का भाव है, आप हताशा के शिकार हैं. आपको पता ही नहीं है कि हाथरस मामले की जांच CBI ने कर दी है. मामला कोर्ट में चल रहा है…आज उत्तर प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में, कानून व्यवस्था के मामले में नंबर 1 राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. पूरे राष्ट्र में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की चर्चा होती है…जबकि आप उत्तर प्रदेश को अराजकता की आग में, दंगों की आग में झोंकना चाहते हैं, लोगों को भड़काना चाहते हैं. कृपया ऐसा ना करें…”

हाथरस के गैंगरेप और हत्या के मामले में अब तक क्या हुआ

आपको बता दे कि हाथरस की ये घटना देश भर में सुर्खियां बनी थी. बाद में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 1 अक्टूबर 2020 को जबरन दाह संस्कार और सामूहिक बलात्कार के संबंध में स्वत: संज्ञान लिया था. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा था, “29.09.2020 को पीड़िता की मृत्यु के बाद उसके दाह संस्कार तक हुई घटनाओं ने हमारी अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है, इसलिए हम इस पर स्वत: संज्ञान ले रहे हैं.”
10 अक्टूबर को इस मामले को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को स्थानांतरित कर दिया गया था. इसके बाद सीबीआई ने दिसंबर 2020 में ही चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी.
हलांकि मार्च 2023 में हाथरस के गैंगरेप और हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश की कोर्ट ने 4 में तीन आरोपियों को बरी कर दिया है. वहीं एक आरोपी को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया है.
मामला 14 सितंबर 2020 का है, जब कुछ लड़कों ने एक दलित लड़की के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया था. बाद में हालत खराब होने का बाद उसे अलीगढ़ औऱ फिर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रेफर किया गया ,जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी. मौत के बाद जब उसके पार्थिव शरीर को उसके गांव लाया जा रहा था तो यूपी पुलिस और प्रशासन ने कथित तौर पर रात के अंधेरे में परिवार की गैर मौजूदगी में जबर्दस्ती उसका अंतिम संस्कार कर दिया था.

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