Tuesday, March 10, 2026

Parliament Live: गैस की किल्लत, बढ़ती महंगाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे छोड़ लोकसभा में विपक्ष के विरोध के बावजूद कृषि क्षेत्र की उपलब्धियां गिना रही थी सरकार

Parliament Live: सोमवार को लोकसभा स्पीकर के खिलाफ विपक्ष के प्रस्ताव पर चर्चा पर अड़ी सरकार आज लोकसभा में प्रश्न काल के दौरान कृषि के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियां गिना रही है. 40 मिनट तक लोकसभा में सरकार के गुणगान के बाद सदन को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया. 40 मिनट तक कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सदन को बताते रहे है कि उनकी सरकार ने क्या किया जो कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में नहीं किया. ये सब उस समय हो रहा है जब देश भर में कमर्शियल कुकिंग गैस की सप्लाई में कमी के बीच रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (NRAI) ने केंद्र से दखल देने की अपील की. एसोसिएशन ने कहा कि LPG सिलेंडर की सप्लाई में कोई भी रुकावट रेस्टोरेंट्स को “पूरी तरह बंद” कर देगी.

LPG का रेट 55 रुपए बढ़ा दिए हैं- मनीष तिवारी

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने एलपीजी सिलेंडर की कमी पर कहा, ” सरकार ने LPG का रेट 55 रुपए बढ़ा दिए हैं, मुंबई और बेंगलुरु में गैस की कमी शुरू हो गई है। तो यही सब कल हम चर्चा करना चाहते थे अभी तो वहां पर युद्ध शुरू ही हुआ है अगर युद्ध लंबा चल गया तो भारत की ऊर्जा सुरक्षा है इसके ऊपर इसका क्या असर होगा इसलिए हमने कल स्थगन प्रस्ताव दिया था इसलिए विपक्ष इस पर बहस चाह रहा था..”

मुंबई और बेंगलुरु में गैस की कमी शुरू हो गई है- शशि थरूर

महाराष्ट्र और कर्नाटक में कमर्शियल LPG की कमी की खबरों पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “यह एक बहुत गंभीर समस्या है… उपलब्धता में कमी है और कीमतें भी बढ़ती जा रही हैं.”

कुछ चैलेंज हैं- तेजस्वी सूर्या

खुद सरकार के सासंद भी मान रहे है की तेल चिंता का विषय है. भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा, “कुछ चैलेंज हैं, लेकिन जैसा कि विदेश मंत्री ने कल सदन को भरोसा दिलाया और पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मिनिस्टर बार-बार भरोसा दिला रहे हैं, देश की एनर्जी सिक्योरिटी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. मैं कर्नाटक के लोगों, खासकर होटल मालिकों को भरोसा दिलाना चाहूंगा कि अभी प्राथमिकता लोगों के डोमेस्टिक कंजम्प्शन को पूरा करने के साथ-साथ देश की CNG और LNG ज़रूरतों का भी ध्यान रखना होगा.”

क्या मिडिल ईस्ट की जंग जरूरी मुद्दा नहीं है ?

सवाल ये है कि ईरान अमेरिका युद्ध और उसके चलते तेल की किल्लत पर चर्चा क्यों नहीं करना चाहती सरकार. विपक्ष सोमवार से लगातार इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा है लेकिन सरकार की ओर से पीठासीन अधिकारी जिन्हें निष्पक्ष होना चाहिए लगातार उसे गैर जिम्मेदार और देश के लिए संवेदनशील नहीं होने के लिए उसकी निंदा कर रहे है.

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