Special Parliament Session live : तीनों विधेयकों पर वोटिंग मंगलवार शाम 4 बजे होगी, सरकार ने 12 घंटे चर्चा का रखा प्रस्ताव

Special Parliament Session :कानून मंत्री ने संविधान और डिलिमिटेशन बिल पेश किया. कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026 और डिलिमिटेशन बिल, 2026 पेश किया. जबकि गृह मंत्री अमित शाह ने यूटी कानून (संशोधन) विधेयक पेश किया. जिसके बाद विपक्ष ने इसका जबरदस्त विरोध शुरु किया.

लोकसभा में भाजपा की तरफ से चर्चा की शुरुआत कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल करेंगे. स्पीकर्स में सांसद बांसुरी स्वराज, रक्षा खडसे, अपराजिता सारंगी, कंगना रनौत और धर्मशीला गुप्ता शामिल होंगी.

तीनों विधायकों पर मंगलवार शाम 4 बजे होगी वोटिंग

डिलिमिटेशन बिल , महिला आरक्षण बिल और यूटी कानून (संशोधन) विधेयक पर मंगलवार शाम 4 बजे वोटिंग होना का फैसला लिया. सरकार ने तीनों बिलों पर 12 घंटे चर्चा का प्रस्ताव रखा. जिसका विपक्ष ने विरोध किया. और गहन चर्चा की मांग की.

बिल पेश करने को लेकर लोकसभा में वोटिंग

केंद्र सरकार के तीन बड़े बिलों के पेश करने को लेकर लोकसभा में वोटिंग शुरू हुई. असदुद्दीन ओवैसी  समेत विपक्ष के कई नेताओं ने की थी वोटिंग की मांग

राज्यसभा कल (शुक्रवार) तक के लिए स्थगित

राज्यसभा कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है, अब शुक्रवार, 17 अप्रैल, 2026 को सुबह 11 बजे फिर से बैठक होगी.

ओवैसी ने डिलिमिटेशन बिल को फ़ेडरलिज़्म पर हमला बताया

असदुद्दीन ओवैसी ने डिलिमिटेशन बिल का विरोध किया और विरोध में साहिर लुधियानवी की एक कविता पढ़ी. उन्होंने कहा कि वह इसे लाने का विरोध करते हैं और इसे फ़ेडरलिज़्म का उल्लंघन बताते हैं. ओवैसी ने कहा कि यह कदम महिला रिज़र्वेशन के बारे में नहीं है, बल्कि इससे मुस्लिम रिप्रेजेंटेशन खत्म हो जाएगा, ज़्यादा आबादी वाले राज्यों को ज़्यादा पावर मिलेगी और पार्लियामेंट्री डेमोक्रेसी कम हो जाएगी.

DMK के टीआर बालू ने डिलिमिटेशन बिल का विरोध किया

DMK के टीआर बालू ने कहा कि पार्टी का स्टैंड साफ है और वह बिल का विरोध करती है. उन्होंने सदन को याद दिलाया कि DMK नेता और तमिलनाडु के CM एम. के. स्टालिन ने डिलिमिटेशन बिल की एक कॉपी जलाई थी.

लोकसभा में दिखा अखिलेश बनाम शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण गैर-संवैधानिक है. उन्होंने SP प्रमुख अखिलेश यादव को जवाब दिया. उन्होंने बहस के दौरान सरकार के रुख को दोहराते हुए ज़ोर देकर कहा कि संविधान धर्म के आधार पर कोटा की इजाज़त नहीं देता है.’कुछ बयान ऐसे दिए गए जो जनता में चिंता पैदा कर सकते हैं. अखिलेश ने कहा कि जनगणना क्यों नहीं हो रही थी. जनगणना का काम शुरू हो चुका है. उन्होंने कहा कि हम जाति जनगणना की मांग करेंगे, सरकार ने जाति की जनगणना का निर्णय ले लिया है और जाति के साथ ही ये जनगणना हो रही है. धर्मेंद्र यादव कह रहे हैं कि कॉलम नहीं है, उन्हें पता होना चाहिए कि अभी घरों की गिनती हो रही है, घरों की जाति नहीं होती है. समाजवादी पार्टी की चले तो घरों की भी जाति तय कर दे. धर्मेंद्र यादव ने मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण की बात करके असंवैधानिक बात की है. संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण की मंजूरी नहीं है.’

इसके जवाब में अखिलेश यादव ने कहा, ‘क्या मुस्लिम महिलाएं आधी आबादी में नहीं आती हैं.’ अमित शाह ने कहा, ‘समाजवादी पार्टी सारी टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे दे, हमें कोई आपत्ति नहीं है.’

यादव ने पहले बिल पेश करने से पहले जाति जनगणना करने के लिए कहा था. इस पर शाह ने कहा कि फ़ैसला पहले ही हो चुका है.

केसी वेणुगोपाल ने किया डिलिमिटेशन बिल क विरोध

कांग्रेस MP केसी वेणुगोपाल ने तीनों बिल पेश करने का विरोध किया, सदन में पार्टी की आपत्ति दर्ज कराई. जब वेणुगोपाल ने बिल का विरोध करने में ज़्यादा समय लिया, तो स्पीकर बिरला ने उन्हें याद दिलाया कि उन्हें बहस के लिए समय दिया जाएगा.

आशा भोसले की याद में संसद में मौन रखा गया

संसद का सत्र श्रद्धांजलि के साथ शुरू हुआ, जिसमें मशहूर गायिका आशा भोसले का भी ज़िक्र था, जिनका 12 अप्रैल को निधन हो गया था.

विपक्षी पार्टी ने रणनीति पर चर्चा करने बैठक की

विपक्षी पार्टी के नेता संसद के विशेष सत्र की रणनीति पर चर्चा करने के लिए संसद परिसर में मिले, जिसमें महिला आरक्षण बिल और प्रस्तावित परिसीमन बिल पर फोकस किया गया.

Special Parliament Session: DMK MP काले रंग के कपड़ों में दिखे

DMK MP डीलिमिटेशन बिल के विरोध में काली शर्ट पहनकर संसद में आए. इससे पहले, TN CM एमके स्टालिन ने इसका विरोध करने के लिए बिल की एक कॉपी जलाई थी.

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