चर्चा का वादा कर मुकरी सरकार, स्पीकर ने रद्द किए सभी स्थगन प्रस्ताव, प्रियंका गांधी बोली-सरकार हमेशा खेल खेलती है

Monsoon Session: छात्रों के प्रदर्शन पर चर्चा को लेकर विपक्ष की मांग आज भी सरकार का मन नहीं बदल पाई. सुबह पहले ये कहकर लोकसभा स्थगित कर दी गई की प्रशनकाल के बाद चर्चा होगी और फिर प्रशनकाल के बाद स्पीकर ने सभी स्थगन प्रस्तावों को नामंजूर कर दिया. जिसके बाद फिर 2 बजे तक लोकसभा स्थगित की गई और फिर 2 बजे पूरे दिन के लिए ही स्थगन का एलान किया गया.

जहां मोदी सरकार हमेशा से राजनीतिक खेल खेलती है-प्रियंका गांधी

संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए सरकार के रवैये पर नाराज़गी जताते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, “हम adjournment motion की मांग कर रहे हैं, ताकि ठीक से चर्चा हो सके. अगर ‘वंदे मातरम’ पर 8 घंटे की चर्चा हो सकती है, तो हम लंबे समय तक अच्छे तरीके से शिक्षा व्यवस्था पर भी बात कर सकते हैं. जहां मोदी सरकार हमेशा से राजनीतिक खेल खेलती है, वहीं मीडिया भी असल बात नहीं बताती है.”

Monsoon Session: राज्यसभा में खरगे ने भी की नियम 267 के तहत चर्चा की मांग

वहीं राज्यसभा में : कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी छात्रों के मुद्दे पर बहस की मांग करते हुए कहा, “हम नियम 267 के तहत NEET परीक्षा के बारे में सदन में चर्चा करना चाहते हैं। इस मुद्दे पर निष्पक्ष चर्चा तभी हो पाएगी, जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देंगे.“

कांग्रेस अध्यक्ष ने मीडिया से बात करते हुए कहा, हमने नियम 267 में नोटिस दिया और चेयरमैन से चर्चा की अनुमति मांगी, लेकिन वे तैयार नहीं हुए और कहा कि किसी और नियम में आप अपनी मांग रख सकते हैं. इस पर मैंने कहा कि अन्य नियम में चर्चा का महत्व नहीं रह जाएगा. जैसे लोकसभा में adjournment motion होता है, वैसे ही राज्यसभा में भी नियम 267 का महत्व होता है और हम 2-3 दिन से ये मांग उठा रहे हैं. हमने ये बात भी उठाई कि राहुल गांधी जी, प्रियंका गांधी जी का अपमान किया गया. किसी महिला सांसद को रात 9 बजे तक थाने में कैसे बैठाया जा सकता है. उनके साथ जो भी व्यवहार किया गया, वह शर्मनाक है.

लोकसभा में बरसे अखिलेश यादव

लोकसभा में छात्रों के मुद्दे पर बहस की मांग करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “मुद्दा BJP, कांग्रेस या समाजवादी का नहीं है। आपकी हिम्मत कैसे हुई स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज करने की? अगर मंत्री ने इस्तीफ़ा नहीं दिया तो हम फिर सड़कों पर उतरेंगे?”

हलांकि चर्चा को लेकर सदन के अंदर और बाहर सरकार ने वहीं रुख बनाए रखा की हम चर्चा को तैयार है लेकिन चर्चा कैसे होगी वो स्पीकर तय करेंगे.

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