चुनावी साल में नीतीश सरकार का ब़ड़ा फैसला, 94 लाख परिवारों को 2 लाख, पेंशन राशि में तीन गुणा बढोतरी..योजनाओं का खुला पिटारा

Nitish Cabinet Meeting : 24 जून मंगलवार को नीतीश सरकार की कैबिनेट मीटिंग में कई बड़े फैसलों लिये गये जिसका आने वाले चुनाव में सीधा असर पड़ना तय है. नीतीश कैबिनेट के ये फैसले न केवल लोकलुभावन हैं, बल्कि मतदाताओं के एक बड़े वर्ग को सीधा प्रभावित भी करेंगे.

Nitish Cabinet Meeting : मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने दी सरकार के फैसलों की जानकारी 

बिहार सरकार के इस कैबिनेट मीटिंग के महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हर मंगलवार को पटना में होने वाली कैबिनेट मिटिंग की ब्रीफिंग प्रदेश के कैबिनेट सचिव करते थे लेकिन मंगलवार को हुई कैबिनेट मीटिंग के बारे में जानकारी देने के लिए पत्रकारों के सामने खुद बिहार के मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा आये और उनके साथ कैबिनेट सचिव एस सिद्धार्थ और स्वास्थ्य सचिव और विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत भी मौजूद रहे.

सीएम नीतीश का चुनावी मास्टर स्ट्रोक

नीतीश कैबिनेट ने मंगलवार की बैठक में कई अहम फैसले लिये, जिसमें प्रदेश के 94 लाख परिवारों को 2-2 लाख देने , गरीबी रेखा के नीचे रहने वालों की पेंशन राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये करना, पंचायतो के प्रतिनिधियों का मानदेय डेढ़ गुना करना और मनरेगा की राशि को बढाने का फैसला शामिल है.

चुनावी साल में नीतीश सरकार ने समाज के हर तबके यानी महिला, पुरुष, युवा और बुजुर्गों  के लए योजनाओं का ऐलान किया है. इसके साथ ही बिहार मे हुए जातिगत सर्वे के आधार पर निकले नतीजों के को देखते हुए समाज के पिछड़े वर्गों को लाभान्वित करने के लिए योजनाओं की घोषणा की है.

94 लाख परिवारों को मिलेंगे 2- 2 लाख 

कैबिनेट ने मंगलवार को जो सबसे अहम फैसला लिया है वो है जातिगत जनगणना के आधार पर 94 लाख परिवारों को 2-2 लाख रुपये की राशि देने का ऐलान.  अनुमान के मुताबिक अगर एक परिवार में कम से कम चार वोटर भी होते हैं तो ये फैसला कम से कम 8 करोड़ वोटरों को प्रभावित करेगा. 2023 की जाति जनगणना के आधार पर देखा जाये तो बिहार की कुल आबादी करीब 13.4-5 करोड़ है. यानी नीतीश सरकार की 2 लाख वाली योजना सीधे सीधे राज्य के लगभग एक तिहाई आबादी को प्रभावित करेगी.

गरीबी रेखा के नीचे रहने वालों के पेंशन तीन गुणा

नीतीश कैबिनेट ने मंगलवार को जो दूसरा बड़ा फैसला किया है, वो है गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों की पेंशन की राशि को बढ़ाना. सरकार ने इनके पेंशन की राशि 400 रुपये से बढाकर 1100 रुपये करने का ऐलान किया है.सरकार को उम्मीद होगी कि उसकी ये योजना सीधे-सीधे वोट बैंक में तब्दील होगी. 2023 की जाति जणगणना रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाली आबादी लगभग 23.3% प्रतिशत है.अर्थात अगर बढाई गई पेंशन की राशि वोट बैंक में तब्दील होती है तो फिर बिहार के चुनावी नतीजों का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं होगा.

पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय डेढ़ गुना बढ़ा

नीतीश केबिनेट ने मंगलवार को तीसरा सबसे बड़ा फैसला पंचायत प्रतिनिधियो के संबंध में लिया है. सरकार ने इन ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों औऱ कर्मचारियों का मानदेय सीधा डेढ़ गुना बढ़ा दिया .  ये फैसला पंचायती व्यवस्था में काम कर रहे सभी स्तर के प्रतिनिधियों पर लागू होगा.

चुनाव के लिहाज से देखा जाये तो गांव और पंचायत के स्तर पर ये लोग सबसे अधिक वोट बैंको को प्रभावित करने वाले होते हैं.अब इनके पास पहले से अधिक धनराशि आएगी.

मनरेगा के अंतर्गत 10 लाख तक खर्च करने का छूट

इसके अलावा ग्राम पंचायतों को मनरेगा के तहत  अब तक अधिकतम 5 लाख तक खर्च करने की मंजूरी थी, उसे बढाकर अब 10 लाख कर दिया गया है.इसके साथ ही अगर किसी पंचायत प्रतिनिधियों या सदस्यों की आकस्मिक या सामान्य मृत्यु भी होती है तो उनेक परिवार को पांच लाख रुपए की राशि मिलेगी.

महिलाओं को मिलेगा अधिक ऋण और छूट

गांव और पंचायत के स्तर पर काम करने वाली ग्रामीण महिलाएं जो जीविका दीदी के तौर काम करती हैं, और जो सीधे तौर पर सरकार की विकास योजनाओं को लोगों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाती हैं, नीतीश सरकार ने उनके लिए बैंक से मिलने वाले ऋण को लेकर विशेष व्यवस्था की है. सरकार ने ऋण की राशि बढाने का फैसला लिया है साथ ही  ही ब्याज दर में भी राहत देने की बात हुई है.

महिला सेलेफ ग्रुप के जरिये सालो भर कर सकती हैं कमाई

नीतीश सरकार ने राज्य के मेडिकल कॉलजो में दीदी रसोई चलाने का जिम्मा जीविका दीदीयों को दिया है. असके अंतर्गत महिलाएं सेल्फ ग्रुप बनाकर गरीब -जरुरतमंद लोगो को कैंटिन में भोजन बनाकर 20 रुपये प्लेट दे सकती हैं.ये खाना पहले 40 रुपये प्वेट मिलता था. इस योजना केे तहत गरीब  महिलाओं के लिए सालों भर चलने वाली जीविका का इंतजाम किया गया है.

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