दिल्ली नगर निगम (MCD) ने सत्य निकेतन Satya Niketan में बिल्डिंग गिरने की घटना के बाद अपने साउथ ज़ोन के पांच अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया है. इस घटना में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है.
इस बीच खबर है कि सत्य निकेतन पीजी के फरार मालिक हरिराम गुप्ता को बिल्डिंग गिरने के एक दिन बाद राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया गया है.
एमसीडी के 5 अधिकारी ‘तुरंत प्रभाव से’ सस्पेंड
सोमवार को जारी ऑर्डर के आधार पर, सस्पेंड किए गए पांच अधिकारियों की पहचान इस तरह की गई है –
राकेश कुमार — डिप्टी कमिश्नर, साउथ ज़ोन
रणवीर सिंह — सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, साउथ ज़ोन
ललित कुमार गोयल — एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (बिल्डिंग), साउथ ज़ोन
सुनील चौहान — असिस्टेंट इंजीनियर (बिल्डिंग), साउथ ज़ोन
आशीष कुमार — जूनियर इंजीनियर (बिल्डिंग)
सत्य निकेतन की इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली सरकार ने एमसीडी उपायुक्त, कार्यकारी अभियंता, अधीक्षण अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर दिया है। pic.twitter.com/yQNg942c0x
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 7, 2026
जारी नोटिस के आधार पर, अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है, जब तक कि उन पर डिसिप्लिनरी कार्रवाई न हो जाए. नोटिस में यह भी कहा गया है कि सस्पेंड किए गए अधिकारियों को नियमों के मुताबिक उनका गुज़ारा भत्ता दिया जाएगा.
MCD की यह कार्रवाई बिना इजाज़त कंस्ट्रक्शन और जगह के गलत इस्तेमाल के खिलाफ़ बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है.
1 जून से 3 सितंबर, 2026 के बीच, सिविक बॉडी ने 983 प्रॉपर्टीज़ में तोड़फोड़ की, 464 प्रॉपर्टीज़ को सील किया, बिना इजाज़त कंस्ट्रक्शन के लिए 1,516 कारण बताओ नोटिस और 708 सीलिंग कारण बताओ नोटिस जारी किए, और 726 तोड़फोड़ के ऑर्डर जारी किए.
रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के कमर्शियल गलत इस्तेमाल का पता लगाने के लिए सिविक बॉडी ने रेजिडेंशियल इलाकों का तीन महीने का सर्वे भी किया था.
Satya Niketan हादसा: अब तक 7 की मौत
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके की एक भीड़भाड़ वाली कॉलोनी में रविवार दोपहर एक बिल्डिंग गिर गई. अधिकारियों के मुताबिक, लड़कों के पेइंग गेस्ट अकोमोडेशन के बेसमेंट में चल रहे कंस्ट्रक्शन से बिल्डिंग को स्ट्रक्चरल नुकसान हुआ, जिससे आखिरकार वह गिर गई.
लापता लोगों, खासकर स्टूडेंट्स, के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन अब दूसरे दिन में पहुंच गया है.
ऑपरेशन जारी रहने के साथ, दिल्ली सरकार ने चार या उससे ज़्यादा मंज़िल वाले गैर-कानूनी स्ट्रक्चर को “तुरंत सील” करने का भी आदेश दिया है.
सोमवार को MCD की तरफ से जारी एक नोटिस में लिखा था, “चार से ज़्यादा मंज़िल वाले सभी गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन को तुरंत सील कर दिया जाएगा, और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिससे उन्हें तुरंत नौकरी से निकाल दिया जाएगा.”
दिल्ली सिविक बॉडी के मुताबिक, गिरी हुई प्रॉपर्टी, जिसकी पहचान P-14 सत्य निकेतन के तौर पर हुई है, करीब 55 स्क्वेयर यार्ड के प्लॉट पर थी और इसमें एक बेसमेंट और ग्राउंड से चौथी मंज़िल तक का हिस्सा था.
खबर है कि यह स्ट्रक्चर 1990 के दशक में बना था, और प्रॉपर्टी के बारे में बुकिंग, सीलिंग या मिली शिकायतों का कोई रिकॉर्ड नहीं है.
हिंदुस्तान टाइम्स ने एक सीनियर अधिकारी के हवाले से बताया कि सत्य निकेतन में स्ट्रक्चर के लिए कोई मंज़ूर बिल्डिंग प्लान मौजूद नहीं था, और बेसमेंट में कंस्ट्रक्शन “अनऑथराइज़्ड” था.

