Bantenge to Katenge : इन दिनों देश के कई राज्यों में लोकसभा और विधानसभा के लिए उपचुनाव चल रहे हैं . इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ का दिया एक नारा “ बंटेंगे तो कटेंगे” भाजपा के लिए प्रचार का मूल मंत्र बन गया है. पीएम मोदी से लेकर तमाम प्रचारक हर सभा-रैली में इस नारे का जमकर प्रयोग कर रहे हैं.लेकिन महाराष्ट्र में इस नारे के विरोध में स्वर उठ रहे हैं.
‘Bantenge to Katenge की महाराष्ट्र में जरुरत नहीं ‘
प्रधानमंत्री मोदी से लेकर भाजपा के तमाम बड़े नेता इस नारे का खुल कर प्रयोग कर रहे हैं. अपनी हर सभारैली मे इस नारे के जरिये हिंदु वोट को इकट्ठा करने की कोशिश में जुटे हैं लेकिन महाराष्ट्र में भाजपा के सहयोगियों ने खुद को इस नारे से अलग कर लिया है.
महाराष्ट्र में किसी ऐसे मुद्दे को लाने की जरूरत नहीं है- पंकजा मुंडे , भाजपा नेता
महाराष्ट्र में भाजपा की नेता औऱ विधानपरिषद की सदस्य पंकजा मुंडे ने बंटेगे तो कटेंगे नारे से दूरी बनाते हुए कहा कि राजनीति में उनका दृष्टिकोण अलग है. वो केवल इसलिए इस तरह के बयानों का समर्थन नहीं कर सकतीं क्योंकि वो भाजपा से हैं. मुंडे ने कहा कि उन्हें महाराष्ट्र में किसी ऐसे मुद्दे को लाने की जरूरत नहीं है. उनके लिए विकास ही असल मुद्दा है. नेता वही जो धरती पर रहने वाले हर व्यक्ति को अपना समझे. हलांकि पंकजा मुंडे ने सीएम योगी के नारे के बारे में सफाई देते हुए कहा कि उनकी बात यूपी के संदर्भ में सही हो सकती है लेकिन महाराष्ट्र में उन्हें गलत समझा जा रहा है.पंकजा मुंडे ने पीएम मोदी के बारे में कहा कि उन्होन ने बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के लिए काम किया है.
एनसीपी नेता अजीत पवार ने भी किया किनारा
सीएम योगी के बयान से महाराष्ट्र सरकार में सहयोगी एनसीपी नेता भी इस नारे के खिलाफ खुलकर सामने आए हैं. अजीत पवार का कहना है कि इस तरह की राजनीति महाराष्ट्र में काम नहीं करेगी. अजीत पवार ने कहा कि हो सकता है योगी का ये नारा यूपी , झारखंड या दूसरी जगहों पर काम करे लेकिन महाराष्ट्र में नहीं करेगी.
महाराष्ट्र में 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव काे लिए मतदान
महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए पूरे राज्य में 20 नवंबर को वोटिंग होगी . यहां सबी सीटों के लिए मतदान एक ही चरण में होंगे. वहीं मतदा का नतीजा 23 नवंबर को आयेगा.

