Lunar Eclipse (चंद्रग्रहण) : आज यानी 3 मार्च 2026 को साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) लगने जा रहा है, जिसे Blood Moon या लाल चंद्रमा के नाम से भी जाना जाता है. यह ग्रहण होली के दिन पड़ रहा है, इसलिए धार्मिक और खगोलीय दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है.
दोपहर 2:14 बजे होगी Lunar Eclipse की शुरुआत
ग्रहण की शुरुआत (Penumbral) भारतीय समय के अनुसार दोपहर 2:14 बजे होगी. वहीं दोपहर 4बजकर 34 मिनट पर पूर्णता की शुरु हो जायेगी.
आज का पूर्ण चंद्रगह्रण भारत में पूरी तरह से दिखाई नहीं देगा बल्कि ग्रहण का आखिरी हिस्सा ही भारत के कुछ शहरों में दिखेगा. भारत में ग्रहण चंद्रग्रहण लगभग 6:20-6:30 बजे के आसपास दिखाई देने लगेगा. इस समय पर ग्रहण का केवल आखिरी हिस्सा ही बचा रहेगा,इसलिए केवल अंतिम चरण (partial या totality का अंतिम हिस्सा) ही दिखाई देगा. भारत में ज्यादातर जगहों पर अधिकतम 20 से 25 मिनट तक ही ब्लडमून यानी चंद्रग्रहण का हिस्सा नजर आयेगा.
दिल्ली एनसीआर समेत इन शहरों में कब दिखाई देगा ग्रहण ?
दिल्ली/एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, लखनऊ, कोलकाता ओऐर आसपास के इलाकों में चंद्र ग्रहण शाम 6:26 PM से 6:46 PM तक यानी लगभग 20 मिनट तक देखा जा सकता है.
वहीं उत्तर पूर्वी राज्यों में चंद्रमा का उदय थोड़ा पहले होता है इसलिए उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे असम,अरुणाचल,मेघालय आदि में ये ग्रहण 25 से 30 मिनट तक देखा जा सकता है.
चंद्रग्रहण के दौरान सावधानी
वैज्ञानिक रुप से इस चंद्र ग्रहण के दौरान किसी खास सावधानी की जरुरत नहीं मानी है लेकिन धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक ग्रहण के दौरान कुछ खास तरह की सावधानी बरती जानी चाहिये.
हिंदू शास्त्रों और ज्योतिष के अनुसार ग्रहण काल में कई सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है. आज के चंद्रग्रहण का सूतक काल सुबह 6:20 बजे से शुरू हो चुका है और शाम 6:46-6:47 बजे तक रहेगा ग्रहण की खगोलीय अवधि दोपहर 3:20 बजे से शाम 6:47 बजे तक है,लेकिन भारत में चंद्रमा शाम को उदय होने के कारण केवल अंतिम 15-25 मिनट दिखेगा.
ग्रहण के दौरान सावधानियां
सबसे पहले भोजन की बात करें तो ग्रहण काल में ना तो भोजन बनाना चाहिये और ना ही खाना चाहिये. मान्यता है कि सूतक काल से पहले अगर भोजन बना भी हो तो उसमें तुलसी का पत्ता डाल कर इसे ढ़क कर रखना चाहिये.
ग्रहण के दौरान सोने से बचना चाहिये. धार्मिक मान्यता के मुताबिक इसके बजाय जागकर मंत्र जाप या ध्यान करें.
ग्रहण के दौरान कोई शुभ काम नहीं होने चाहिये.
पूजा-पाठ और मूर्ति स्पर्श: मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं, घर के मंदिर को कपड़े से ढक दें, मूर्तियों को स्पर्श न करें. केवल मानसिक जप या ध्यान करें.
विवाद या नकारात्मक सोच से बचें. किसी से झगड़ा न करें,नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिये.

