Leopard Attack: लखिमपुर खीरी में बाघ के खतरे के बीच तेंदुए ने ली एक और किसान की जान

Leopard Attack: उत्तर प्रदेश के खीरी इलाके में मंगलवार को एक किसान तेंदूए का शिकार हो गया. पीड़ित प्रभु दयाल मोहम्मदी कोतवाली रेंज के शाहपुर राजा गांव का निवासी था. प्रभु दयाल अपने पालतू जानवरों के लिए चारा इकट्ठा करने के लिए खेतों में गए थे, तभी पास के गन्ने के खेत में छिपे तेंदूए ने उन पर हमला कर दिया. चिंतित परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने जब खोजबीन की तो घंटों बाद उनका आंशिक रूप से खाया हुआ शव बरामद किया गया.

Leopard Attack: ग्रामीणों को बाघ के हमले का शक

घटना के बाद रेंज अधिकारी नरेश पाल सिंह, डिप्टी रेंजर राम नरेश वर्मा और वनपाल राजेश कुमार और रोहित कुमार के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और इलाके की तलाशी ली. लेकिन तेंदुए का कोई निशान नहीं मिला.

अधिकारियों और ग्रामीणों ने मृतक की चप्पल और दरांती बरामद की, जिसके बाद आखिरकार उसका शव बरामद हुआ.

ग्रामीणों ने शुरू में दावा किया कि प्रभु दयाल पर बाघ ने हमला किया था; हालाँकि, प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) संजय बिस्वाल ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि घटनास्थल पर मिले पैरों के निशान तेंदुए के हमले का संकेत देते हैं. उन्होंने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी.

बिस्वाल ने बताया कि यह स्थान इमालिया और मुदा अस्सी गांवों से करीब 20 किलोमीटर दूर है, जहां 27 अगस्त और 11 सितंबर को एक बाघ ने दो व्यक्तियों को मार डाला था. उन्होंने आगे बताया कि ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन टीमों को तैनात किया गया है, क्योंकि यह क्षेत्र बेला पहाड़ा आरक्षित वनों के बहुत करीब है, जहां वन्यजीवों की आवाजाही आम है.

मोहम्मदी रेंज में बाघ ने पहले ही मचा रखा है आतंक

मोहम्मदी रेंज के बेलाहरी बीट में दो लोगों की मौत के बाद 28 अगस्त से ही साउथ खीरी वन प्रभाग के अधिकारी इमलिया और मूड़ा अस्सी गांवों के पास एक भटके हुए बाघ की निगरानी और पता लगाने में लगे हुए हैं. 27 अगस्त को मोहम्मदी रेंज में बाघ के तीसरे हमले के बाद से ग्रामीणों में दहशत की एक नई लहर पैदा कर दी है.

डीएफओ संजय बिस्वाल ने मोहम्मदी रेंज के बेलारी बीट में चल रहे अभियान का विवरण देते हुए कहा कि, 27 अगस्त और 11 सितंबर को हुए बाघ के हमले के बाद से बाघ प्रभावित गांवों जैसे इमलिया, मूड़ा अस्सी, मूड़ा जवाहर, घरथनिया और बाघमारा में बाघ का पता लगाने और उसका पता लगाने के लिए सघन तलाशी अभियान जारी है. इसके साथ ही कतर्नियाघाट से ट्रैंक्विलाइजिंग विशेषज्ञ डॉ. दीपक और दुधवा से डॉ. दया को बाघ को बचाने के लिए लगाया गया है.

कब-कब हुई मोहम्मदी रेंज में बाघ के हमलों की घटनाएं

27 अगस्त: बाघ के हमले में इमलिया के अंबरीश (40) की मौत.

11 सितंबर: बाघ के हमले में मूड़ा अस्सी गांव के जाकिर (40) की मौत.

29 सितंबर: भदैया निवासी तेजपाल (40) बाघ के हमले में घायल.

1 अक्टूबर: शाहपुर राजा निवासी प्रभु दयाल (50) तेंदुए के हमले में मारे गए.

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