कटिहार में ‘कस्टोडियल डेथ’ पर कोहराम: पुलिस को मकई के खेतों में दौड़कर बचाई जान, भीड़ ने छीन ली राइफल!

Katihar Custodial Death : बिहार के कटिहार जिले का फलका थाना क्षेत्र शनिवार (4 अप्रैल 2026) को रणक्षेत्र में तब्दील हो गया. पुलिस हिरासत में एक 24 वर्षीय युवक, राकेश कुमार यादव की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. आक्रोशित भीड़ ने न केवल थाने पर हमला किया, बल्कि पुलिसकर्मियों की बेरहमी से पिटाई भी की.

Katihar Custodial Death : क्या है पूरा मामला?

गोपालपट्टी गांव के निवासी राकेश यादव को 2 अप्रैल की रात बाइक चोरी के आरोप में हिरासत में लिया गया था. शनिवार सुबह अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने और अस्पताल ले जाते समय मौत की खबर आई. पुलिस का दावा है कि युवक ने थाने में आत्महत्या का प्रयास किया था, जबकि परिजनों का आरोप है कि पुलिसिया टॉर्चर की वजह से राकेश की जान गई.

हिंसा और अफरा-तफरी का माहौल

मौत की खबर मिलते ही हजारों की संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए.  आक्रोशित लोगों ने टायर जलाकर SH-77 पर  मुख्य चौक जाम कर दिया. भीड़ ने पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जिसमें एक महिला कांस्टेबल समेत कई जवान घायल हुए. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक प्रदर्शनकारी कांस्टेबल की सर्विस राइफल लेकर घूमता नजर आया. पुलिस कर्मियों को  मकई के खेत में छिप कर जान बचानी पड़ी. 

प्रशासनिक कार्रवाई

कटिहार एसपी शिखर चौधरी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फलका थानाध्यक्ष (SHO) रवि कुमार राय और केस के जांच अधिकारी (IO) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं. इस घटना के सियासी पारा चढ़ गया है.  घटना ने बिहार की राजनीति में भी उबाल ला दिया है. आरजेडी (RJD) सहित विपक्षी दलों ने नीतीश सरकार को घेरते हुए इसे ‘गुंडाराज’ और ‘सुशासन की विफलता’ करार दिया है. विपक्ष का कहना है कि थानों में बिना सबूत लोगों को प्रताड़ित करना अब आम बात हो गई है.

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