JPSC-JSSC विवाद पर रांची सांसद का राहुल गांधी को चैलेंज,छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर सरकार पर हमला

Jharkhand Student Protest रांची: झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. हाई कोर्ट के फैसले के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों और सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है. शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतला दहन के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन में पुलिस की ओर से हल्का बल प्रयोग किए जाने की बात सामने आई. इस घटना को लेकर अब रांची के भाजपा सांसद और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है.

संजय सेठ ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को खुला चैलेंज देते हुए कहा कि अगर उन्हें झारखंड के छात्रों और छात्राओं के प्रति थोड़ी भी संवेदना है तो उन्हें रांची आकर घायल छात्रों से मिलना चाहिए.

Jharkhand Student Protest : छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर भड़के संजय सेठ

संजय सेठ ने कहा कि जिस तरह से छात्रों पर कार्रवाई की गई, वह बेहद गंभीर मामला है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारी छात्रों के साथ अत्याचार किया गया और कथित तौर पर छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार हुआ.

सांसद ने कहा कि घटना के वीडियो विभिन्न मीडिया चैनलों पर उपलब्ध हैं और कोई भी व्यक्ति इन्हें देखकर पूरे मामले की सच्चाई समझ सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान JMM के कार्यकर्ता भी मौजूद थे और उनके हाथों में लाठियां थीं.

संजय सेठ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि झारखंड में लोकतंत्र को किस दिशा में ले जाया जा रहा है.

राहुल गांधी को संजय सेठ की सीधी चुनौती

रांची सांसद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को झारखंड में छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट की घटना पर चुप्पी नहीं साधनी चाहिए.

संजय सेठ ने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें बच्चों के प्रति वास्तव में संवेदना है तो वह रांची आएं और आंदोलन के दौरान घायल हुए छात्रों से अस्पताल में जाकर मुलाकात करें.

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के नेता अलग-अलग राज्यों में लोकतंत्र और छात्रों के अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन झारखंड में छात्रों के साथ हुई घटना पर उनकी चुप्पी सवाल खड़े करती है.

‘आपका दोहरा चरित्र है’, राहुल गांधी पर बरसे सांसद

संजय सेठ ने राहुल गांधी पर राजनीतिक दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें झारखंड में हुई घटना दिखाई नहीं दे रही है. उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी को घटना पर विश्वास नहीं है तो वह मीडिया में सामने आए वीडियो फुटेज देख सकते हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में छात्रों के आंदोलनों के दौरान पहले भी स्थिति तनावपूर्ण रही है और कथित तौर पर छात्रों के घायल होने की घटनाएं सामने आई हैं.

सांसद ने कहा कि राजनीतिक नजरिए से किसी घटना को देखने के बजाय छात्रों की परेशानी और उनके भविष्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.

छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार का भी आरोप

संजय सेठ ने विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्राओं के कपड़े खींचे गए और उनके साथ मारपीट की गई.

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है. ऐसे में पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की ओर से सामने आने वाले आधिकारिक तथ्यों और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे.

सांसद ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज और उसकी गरिमा दोनों महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने प्रदेश सरकार के द्वारा छात्रों के आंदोलन से निपटने के तरीके और  लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए .

JPSC-JSSC मामले में ‘1000 करोड़ रुपये’ के आरोप पर भी घेरा

संजय सेठ ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए.

उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में कथित बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग की. सांसद ने राहुल गांधी और राज्य सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें लगता है कि भर्ती प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है तो जांच कराने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए.

हालांकि, कथित घोटाले से जुड़े उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध सामग्री से नहीं होती है. इस संबंध में जांच एजेंसियों या सक्षम संस्थाओं की आधिकारिक रिपोर्ट ही अंतिम स्थिति स्पष्ट करेगी.

हाई कोर्ट के फैसले के बाद बढ़ा JPSC-JSSC विवाद

दरअसल, JPSC-JSSC भर्ती विवाद उस समय और गहरा गया जब हाई कोर्ट ने 11वीं से 13वीं JSSC परीक्षाओं और JSSC-CGL के जरिए हुई नियुक्तियों को लेकर अंतरिम आदेश दिया. इसके बाद आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों में नाराजगी और बढ़ गई.

छात्रों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के कारण मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ा है. इसी मुद्दे को लेकर छात्र संगठनों की ओर से लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं.

हाई कोर्ट के आदेश के बाद सरकार के सामने अब भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों का जवाब देने और अभ्यर्थियों की चिंताओं को दूर करने की चुनौती है.

छात्रों के आंदोलन से बढ़ी राजनीतिक गर्मी

JPSC और JSSC की परीक्षाओं को लेकर विवाद अब सिर्फ छात्रों और सरकार के बीच का मामला नहीं रह गया है. भाजपा समेत विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर झारखंड सरकार पर लगातार हमला कर रहे हैं.

संजय सेठ का राहुल गांधी को खुला चैलेंज इसी राजनीतिक टकराव को और तेज करने वाला माना जा रहा है. एक तरफ छात्र भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और अपने भविष्य को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दल इस मुद्दे को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं.

अब निगाहें इस बात पर हैं कि राज्य सरकार छात्रों के आरोपों और हाई कोर्ट के फैसले के बाद आगे क्या कदम उठाती है और भर्ती प्रक्रिया को लेकर क्या स्थिति स्पष्ट करती है.

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