जहानाबाद में छठ की खुशियां तब मातम में बदल गई जब उचिटा सूर्य मंदिर के बने छठ घाट पर अर्घ्य के दौरान तालाब में डूबने से एक बच्चे की मौत हो गई. बच्चे को तालाब से निकाल जहानाबाद सदर अस्पताल ले जाया गया था लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया.
हसनपुरा गांव का रहने वाला था दिलकुश
हादसा सोमवार को जहानाबाद में चैती छठ के मौके पर सुबह चढ़ते सूरज को अर्घ्य देने के लिए संटू शर्मा अपने पूरे परिवार के साथ उचिटा सूर्य मंदिर के छठ घाट पर पहुंचा थे. ऐसा बताया जा रहा है कि उगते सूर्य को अर्घ्य देने के दौरान ये हादसा हुआ. परिवार जब भगवान भास्कर को अर्घ्य देने में व्यस्त था तब 12 साल के दिलकुश का पैस फिसला और वो तालाब में डूब गया. किसी ने भी उस समय दिलकुश की ओर ध्यान नहीं दिया. पूजा के बाद जब परिवार ने दिलकुश की ढूंढ शुरु की तो उसका शरीर तालाब मैं तैरता नज़र आया. जिसे आनन-फानन में निकाल परिवार वाले शकुराबाद पीएचसी में लाया गया. लेकिन यहां के चिकित्सकों ने उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया. सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने देखने के बाद मृत घोषित कर दिया.
बच्चे की मौत से परिजनों में कोहराम
छठ पूजा के चलते घाट पर बहुत भीड़ थी. इसलिए परिवारवालों का ध्यान बच्चे की तरफ नहीं गया. घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसर गया है. परिजनों का खासकर बच्चे की मां का रो-रोकर बुरा हाल है. घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने बच्चे के शव को अपने कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम करने के बाद उसे परिवार को सौंपने की बात कही है.

