ITBP DG Statement MEA Reaction नई दिल्ली: भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक (DG) शत्रुजीत सिंह कपूर के एक बयान पर अब विदेश मंत्रालय (MEA) की प्रतिक्रिया सामने आई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ किया है कि भारत-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति तब बिगड़ती है, जब चीनी सैनिक तय गश्त (पेट्रोलिंग) के तौर-तरीकों से हटते हैं. भारत ने इस बात पर जोर दिया है कि सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए अनिवार्य है.
ITBP के DG शत्रुजीत कपूर के खुलासे के बाद @ITBP_official अकाउंट से वीडियो तो हटवा दी लेकिन दबाव इतना बढ़ गया कि विदेश मंत्रालय को सफ़ाई देने सामने आना पड़ा।
सुनिए क्या कह रहे है विदेश मंत्रालय के अधिकारी https://t.co/HpANsNINFx— Ajit Singh Rathi (@AjitSinghRathi) October 23, 2026
ITBP चीफ के बयान से मची हलचल
विवाद की शुरुआत तब हुई जब ITBP के डीजी शत्रुजीत कपूर ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान यह स्वीकार किया कि अरुणाचल प्रदेश में सीमा के कई इलाकों में चीनी सैनिकों के साथ लगातार टकराव (फेस-ऑफ) की स्थिति बनी रहती है. किसी वरिष्ठ डीजी स्तर के अधिकारी की ओर से अरुणाचल सेक्टर में भारत और चीन के बीच टकराव की बात स्वीकार करने का यह अपनी तरह का पहला मामला था, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई.
इस बयान पर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से इस पर स्पष्ट जवाब की मांग की है.
MEA की दो टूक- रक्षा मंत्रालय देगा विस्तृत जानकारी
मामले के तूल पकड़ने के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि जब चीनी सेनाएं तय प्रोटोकॉल और पेट्रोलिंग के तरीकों से बाहर जाती हैं, तो सीमा पर मुश्किलें पैदा होती हैं. हालांकि, इस पूरे मामले से जुड़े तकनीकी और विशिष्ट विवरणों (Specifics) के लिए उन्होंने मीडिया को रक्षा मंत्रालय से संपर्क करने की सलाह दी.
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भारत सरकार का यह रुख साफ करता है कि देश की सीमाओं पर सुरक्षा और संप्रभुता को लेकर सेना पूरी तरह सतर्क है, और किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर पैनी नजर रखी जा रही है.

