Friday, June 26, 2026
Home Breaking News शेयर बाजार में आई ‘सुनामी’:1500 अंक टूटा सेंसेक्स, निवेशकों के डूबे 11...

शेयर बाजार में आई ‘सुनामी’:1500 अंक टूटा सेंसेक्स, निवेशकों के डूबे 11 लाख करोड़ ..

0
321
Stock Market Crash
Stock Market Crash

Stock Market Crash:भारत के शेयर बाजार के लिए आज का दिन किसी सुनामी से कम नहीं  है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के दूसरे ही दिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान के बाद बाजार ताश के पत्तों की तरह ढह गया. इस गिरावट ने निवेशकों को एक ही झटके में करीब 11 लाख करोड़ रुपये का भारी नुकसान पहुंचाया है.

Stock Market Crash : सेंसेक्स और निफ्टी की भारी गिरावट

बीएसई (BSE) सेंसेक्स आज 1456 अंक यानी 1.92 फीसदी गिरकर 74,559 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, एनएसई (NSE) निफ्टी 436 अंक या 1.83 फीसदी की गिरावट के साथ 23,380 पर आ गया. बाजार की इस गिरावट में निफ्टी बैंक भी अछूता नहीं रहा और वह 884 अंक नीचे फिसल गया.

निवेशकों को लगा 11 लाख करोड़ का झटका

बाजार में आई इस तेज बिकवाली के कारण बीएसई का मार्केट कैप 467 लाख करोड़ रुपये से घटकर 456 लाख करोड़ रुपये पर आ गया. सेंसेक्स के टॉप 30 शेयरों में से 27 शेयर लाल निशान में बंद हुए. सबसे ज्यादा गिरावट अडानी पोर्ट, टीसीएस (TCS), टेक महिंद्रा और एचसीएल (HCL) जैसे बड़े शेयरों में देखी गई.

IT सेक्टर में हाहाकार 

आज का सबसे बुरा दिन आईटी सेक्टर के लिए रहा. निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3.50 फीसदी गिरकर बंद हुआ. ओपनएआई (OpenAI) द्वारा एआई (AI) क्षेत्र में नई कंपनी शुरू करने के ऐलान के बाद आईटी शेयरों पर बिकवाली का भारी दबाव देखा गया.

बाजार गिरने के 3 प्रमुख कारण:
  1. ट्रंप का बयान और ईरान-अमेरिका तनाव: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम बेहद ‘नाजुक स्थिति’ में है. इस बयान के बाद ईरान-अमेरिका जंग फिर से शुरू होने की आशंका गहरा गई है, जिससे वैश्विक निवेशकों में डर का माहौल है.

  2. कच्चे तेल में उछाल: ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 2.45 प्रतिशत बढ़कर 106.75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं. तेल की बढ़ती कीमतें भारत में महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ा सकती हैं, जो बाजार के लिए नकारात्मक संकेत है.

  3. रुपये की कमजोरी: विदेशी बाजारों में अस्थिरता के चलते भारतीय रुपया भी अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे विदेशी निवेशकों (FPI) का भरोसा डगमगाया है.

मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और तेल-गैस क्षेत्र को छोड़कर आज लगभग सभी सेक्टर इंडेक्स घाटे के साथ बंद हुए.