इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 4 सितंबर, 2021 के आदेश को चुनौती देने वाले एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को स्वीकार करते हुए यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को नोटिस जारी किया है. एसीजेएम, प्रयागराज ने 4 सितंबर, 2021 को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ चुनावी हलफनामे में और पेट्रोल पंप हासिल करने के लिए फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र का उपयोग करने का आरोप लगाते हुए आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग करने वाली एक अर्जी को खारिज कर दी थी
चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने कहा
चूंकि एसीजेएम ने 4 सितंबर, 2021 को उक्त आदेश पारित किया था और इसे 327 दिनों की देरी के बाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी. इसलिए न्यायमूर्ति राज बीर सिंह ने पुनरीक्षण अर्जी दाखिल करने में 327 दिन की देरी, माफी अर्जी पर चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने का समय दिया है.
एसीजेएम ने क्या कह खारिज की थी शिकायत
तो आपको बता दें, याचिकाकर्ता दिवाकर नाथ त्रिपाठी ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत एसीजेएम, प्रयागराज की कोर्ट में एक आवेदन दायर किया था, जिसमें अदालत से चुनावी हलफनामे में और एक पेट्रोल पंप प्राप्त करने के लिए फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र का उपयोग करने के लिए केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था.
प्रयागराज में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) की अदालत ने 4 सितंबर, 2021 को याचिकाकर्ता द्वारा दायर इस आवेदन को खारिज कर दिया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने चुनावी हलफनामे में और पेट्रोल पंप प्राप्त करने में गलत शैक्षिक योग्यता का उल्लेख किया था.
एसीजेएम, प्रयागराज ने कहा था कि प्रथम दृष्टया कोई संज्ञेय अपराध घटित होना प्रतीत नहीं होता है. अत: आवेदन निराधार पाये जाने पर निरस्त कर दिया गया.
अब हाईकोर्ट में दायर याचिका पर अगली सुनवाई 21 दिसंबर को होगी.
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