Miyanwala Jal Srishti Park देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के रायपुर क्षेत्र में रहने वाले लोगों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक नई सौगात दी है. मियांवाला में पुराने तालाब को पुनर्जीवित कर विकसित किए गए ‘जल सृष्टि पार्क’ का मुख्यमंत्री ने लोकार्पण किया. मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) की ओर से लगभग 8 करोड़ 64 लाख रुपये की लागत से तैयार इस पार्क में प्राकृतिक सौंदर्य के साथ आधुनिक सुविधाओं को भी शामिल किया गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इसे स्वच्छ, स्वस्थ और हरित देहरादून के संकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया. पार्क में तालाब, आइलैंड, पेडल बोटिंग, जॉगिंग ट्रैक, योगा डेक और चिल्ड्रन पार्क जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं.

Miyanwala Jal Srishti Park:पुराने तालाब को नया जीवन देकर बनाया आकर्षक पार्क
जल सृष्टि पार्क की सबसे खास बात यह है कि इसके निर्माण के दौरान पुराने तालाब को समाप्त करने के बजाय उसका पुनर्जीवन किया गया. तालाब को संरक्षित रखते हुए उसके आसपास आगंतुकों के लिए सुविधाएं विकसित की गई हैं.
मुख्यमंत्री धामी ने इस पहल पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण केवल पर्यावरण बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी विरासत और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का भी प्रयास है.
तालाब के बीच एक सुंदर आइलैंड तैयार किया गया है. इसके अलावा लोगों के मनोरंजन के लिए पेडल बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्क के विकास से रायपुर क्षेत्र के लोगों को देहरादून में ही ‘नैनीताल जैसी फीलिंग’ का अनुभव मिल सकेगा.
हर आयु वर्ग के लोगों के लिए सुविधाएं
एमडीडीए द्वारा विकसित जल सृष्टि पार्क को विभिन्न आयु वर्ग के लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. यहां बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए अलग-अलग गतिविधियों और विश्राम की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.
पार्क में विकसित प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं:
सुबह-शाम भ्रमण और दौड़ने के लिए जॉगिंग ट्रैक।
योग और स्वास्थ्य गतिविधियों के लिए योगा डेक।
बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क।
फूलों और वनस्पतियों की जानकारी देने वाला एजुकेशनल फ्लावर गार्डन।
आकर्षक लैंडस्केपिंग और हरित क्षेत्र।
आगंतुकों के बैठने की सुविधाएं।
तालाब के मध्य आइलैंड और पेडल बोटिंग।
इन सुविधाओं के जरिए पार्क को केवल हरित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि मनोरंजन, स्वास्थ्य और प्रकृति से जुड़ने वाले बहुआयामी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया गया है।
‘विकास का मतलब केवल कंक्रीट के ढांचे नहीं’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम के दौरान विकास की अवधारणा पर भी बात की. उन्होंने कहा कि विकास का अर्थ केवल बड़ी इमारतें और कंक्रीट के ढांचे तैयार करना नहीं है. वास्तविक विकास वह है, जिससे लोगों का जीवन आसान हो, शहर सुंदर बने और पर्यावरण सुरक्षित रहे.
उन्होंने जल सृष्टि पार्क को इसी सोच का उदाहरण बताया. मुख्यमंत्री के अनुसार, पुराने जल स्रोत का संरक्षण करते हुए उसके आसपास आधुनिक सुविधाओं का विकास किया गया है.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है. देहरादून की प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली को बनाए रखना भी विकास प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
रायपुर क्षेत्र में सड़क, पानी और स्वास्थ्य से जुड़े काम
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रायपुर क्षेत्र में विभिन्न बुनियादी सुविधाओं से संबंधित कार्यों को गति दी जा रही है. इनमें सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पार्क, सीवर और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े काम शामिल हैं.
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सड़कों के डामरीकरण, नवीनीकरण और चौड़ीकरण के साथ सीवर व्यवस्था को बेहतर बनाने का कार्य जारी है. पेयजल की समस्या के समाधान के लिए नए ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं.
पुरानी पाइपलाइनों को बदलने और नई पेयजल लाइनें बिछाने के कार्य भी आगे बढ़ाए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि जिन क्षेत्रों में जिस प्रकार की जरूरत हो, वहां उसके अनुरूप विकास कार्य किए जाएं.
हरित क्षेत्रों के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि डिफेंस कॉलोनी, सिंयावाला और नेहरू कॉलोनी सहित विभिन्न क्षेत्रों में पार्कों के निर्माण और सौंदर्यीकरण के कार्य किए गए हैं.
इन परियोजनाओं का उद्देश्य लोगों को अपने आसपास ऐसे सुंदर और हरित स्थान उपलब्ध कराना है, जहां वे स्वस्थ वातावरण में समय बिता सकें। पार्कों को बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए उपयोगी बनाने पर जोर दिया जा रहा है.
उन्होंने आईटी पार्क से पॉलीटेक्निक होते हुए मंगलूवाला की ओर सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाने के कार्यों का भी उल्लेख किया. इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
सौंग डैम से देहरादून की पेयजल व्यवस्था मजबूत करने की योजना
मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून की बढ़ती आबादी और पानी की जरूरतों का जिक्र करते हुए सौंग डैम परियोजना को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि देहरादून के विस्तार के साथ पेयजल की आवश्यकता भी बढ़ रही है.
सौंग डैम जैसी परियोजनाओं के माध्यम से भविष्य में शहर की पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने रायपुर क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा और चैनलाइजेशन के कार्यों का भी उल्लेख किया. बरसात के दौरान बाढ़ और जलभराव से राहत दिलाने के लिए नदियों और बरसाती नालों से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं.
पार्क की स्वच्छता की जिम्मेदारी समाज की भी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्रवासियों से पार्क को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि सरकार पार्क का निर्माण कर सकती है और सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है, लेकिन लंबे समय तक इसकी देखभाल करना समाज की भी साझा जिम्मेदारी है.
उन्होंने लोगों से पार्क को केवल सरकारी संपत्ति न मानकर अपना पार्क समझने का आग्रह किया. बच्चों और युवाओं से पार्क का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील करते हुए उन्होंने खेल, दौड़, योग और प्रकृति के बीच समय बिताने पर जोर दिया.
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पार्क और जलाशय की स्वच्छता एवं देखभाल में नागरिकों की भूमिका जरूरी है. सरकार और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही सार्वजनिक विकास कार्य लंबे समय तक उपयोगी बने रह सकते हैं.
देहरादून की हरियाली और प्राकृतिक पहचान बचाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून अपनी प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली के लिए देशभर में जाना जाता है. शहर में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करते हुए उसकी प्राकृतिक पहचान को बनाए रखना आवश्यक है.
जल सृष्टि पार्क में पुराने तालाब का संरक्षण और उसके आसपास हरित सुविधाओं का विकास इसी दृष्टिकोण से जुड़ा हुआ है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी आगे बढ़ाना है.
उन्होंने रायपुर क्षेत्र के लोगों को भरोसा दिलाया कि क्षेत्र की सुविधाओं और जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए सरकार निरंतर कार्य करती रहेगी.
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
जल सृष्टि पार्क के लोकार्पण कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, मेयर सौरभ थपलियाल, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे.

