ग्रैंड मुफ्ती के महिलाओं पर बयान से गर्माई सियासत,CM धामी ने राहुल गांधी की चुप्पी पर उठाए सवाल

Grand Mufti Statement देहरादून: केरल के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद के महिलाओं को लेकर दिए गए कथित बयान पर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है. मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि विवादित बयान के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई.

सीएम धामी ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस और राहुल गांधी महिला अधिकारों और सम्मान की बात करते हैं, वहीं केरल में महिलाओं को घर की चारदीवारी तक सीमित रखने संबंधी बयान सामने आने के बाद कथित तौर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है.

Grand Mufti Statement:‘महिला अधिकारों का ढोंग करने वालों की सोच सामने आई’

मुख्यमंत्री धामी ने आरोप लगाया कि पितृसत्ता की वकालत करने वाले लोगों के बयान पर कांग्रेस की चुप्पी उसकी महिला अधिकारों को लेकर वास्तविक सोच पर सवाल खड़े करती है.

उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान, स्वतंत्रता और अधिकारों को लेकर किसी भी तरह का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता. सीएम ने इसी मुद्दे पर राहुल गांधी की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए.

राहुल गांधी पर सनातन को लेकर भी हमला

सीएम धामी ने अपने बयान में राहुल गांधी और कांग्रेस पर सनातन धर्म को लेकर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता समय-समय पर सनातन और मनुस्मृति को लेकर बयान देते रहे हैं.

धामी ने कहा कि कांग्रेस से जुड़े कुछ नेताओं द्वारा सनातन धर्म की तुलना डेंगू, वायरल फीवर और मलेरिया जैसी बीमारियों से किए जाने के बावजूद पर्याप्त स्पष्टीकरण नहीं दिया गया.

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में कथित तौर पर लगाए जाने वाले आपत्तिजनक नारों का मुद्दा उठाते हुए भी कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए समाज को बांटने का आरोप लगाया.

ग्रैंड मुफ्ती ने महिलाओं को लेकर क्या कहा?

विवाद की शुरुआत केरल में आयोजित ‘हुब्बुल रसूल सम्मेलन’ में ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद के कथित बयान से हुई. रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने महिलाओं के सार्वजनिक जीवन में आने को लेकर टिप्पणी की और उन्हें घर के भीतर रखने की तुलना सोने के हार को सुरक्षित रखने से की.

उन्होंने अपने बयान में कहा कि जिस तरह सोने के हार को सुरक्षित रखने के लिए डिब्बे या अलमारी में रखा जाता है, उसी तरह लड़कियों को भी घर के भीतर रखना चाहिए.

उन्होंने यह तर्क भी दिया कि महिलाओं को घर तक सीमित रखने की बात उन्हें छोटा दिखाने के लिए नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा और सम्मान के लिए है.

बयान के बाद क्यों छिड़ा विवाद?

महिलाओं की सार्वजनिक जीवन में भूमिका और स्वतंत्रता को लेकर दिए गए इस कथित बयान के बाद विवाद तेज हो गया है. बयान को लेकर महिला अधिकारों और समानता के समर्थकों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं.

इसी बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी और कांग्रेस से इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है. धामी का हमला ऐसे समय में सामने आया है, जब महिलाओं के अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और समानता जैसे मुद्दों को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज हो रही है.

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