Tuesday, July 7, 2026
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One Nation One Election के लिए संसद के अगले सत्र में बिल लायेगी सरकार,जानिये क्या है तैयारी ?

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One Nation One Election
One Nation One Election

One Nation One Election : एक देश-एक चुनाव (one country one election) को लेकर संसद में बिल लाने की तैयारी हो रही है. सूत्रों से मिल रही जानकरी के मुताबिक वन नेशन वन इलेक्शन के लिए सरकार 3 बिल लाएगी, जिसमें 2 संविधान संशोधन के बिल होंगे. फिलहाल ये तय नहीं है कि सरकार ये बिल आगामी शीतकालीन सत्र में लाएगी या फिर बजट सत्र में. इस पर अभी फैसला होना बाकी है.

One Nation One Election पर बनी रिपोर्ट को मिली सरकार की मंजूरी 

हाल ही में सरकार ने वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी कमिटी की सिफारिशो को स्वीकर किया गया था.इस कमेटी ने दो चरणों में चुनाव कराने की सिफारिश की है. जिसके मुताबिक एक चरण में लोकसभा चुनाव और दूसरे चरण में विधान सभा के चुनाव होने चाहिये.

सरकार के सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक ससंद में लाये जाने वाले विधेयक में एक विधेयक स्थानीय निकायों के साथ लोकसभा और विधानसभाओं चुनावों को जोड़ने को लेकर होगा. नियम के मुताबिक इस विघेक को कानून बनाने के लिए कम से कम 50 % राज्यों के समर्थन की जरूरत है.

लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के प्रस्ताव

खबर है कि मोदी सरकार के द्वारा प्रस्तावित पहले संविधान संशोधन विधेयक में लोकसभा के साथ साथ राज्य के विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के लिए प्रावधान है.

जानकारी के मुताबिक प्रस्तावित विधेयक में ‘नियत तिथि’ से संबंधित उप-खंड (1) को जोड़ा जाएगा और इसमें संविधान के अनुच्छेद 82A में संशोधन का किया जायेगा. इस विधेयक में लोकसभा और राज्यों के विधानसभाओं के कार्यकाल को समाप्त करने का भी प्रावधान है.

संविधान के अनुच्छेद 83(2) में संशोधन करने का भी प्रावधान है.इस खंड में संशोधन के जरिये लोकसभा का तय कार्यकाल और उसके विघटन से संबंधित नए उप-खंड (3) और (4) को जोड़े जाने का प्रस्ताव रखा जाएगा.

वन नेशन वन इलेक्शन के लिए संविधान संशोधन करेगी सरकार

जानकारी के मुताबिक सरकार अपने इस प्रस्ताव में विधानसभाओं के विघटन और अनुच्छेद 327 में संशोधन होगा और उसमें “एक साथ चुनाव” शब्द को जोड़ा जायेगा. इस संशोधन के लिए 50 प्रतिशत राज्यों का समर्थन जरुरी नहीं होगा.

वहीं दूसरे संविधान संशोधन विधेयक में 50 प्रतिशत राज्यों के समर्थन की जरूरत होगी. राज्य चुनाव आयोगों के परामर्श से स्थानीय निकायों के चुनावों के लिए चुनाव आयोग मतदाता सूची तैयार करने की सिफारिश करेगी.

कौन सा चुनाव आयोग कराता है क्या काम

भारत के संविधान में केंद्रीय चुनाव आयोग और राज्य राज्य चुनाव आयोग  दोनों ही अलग-अलग निकाय हैं. केंद्रीय चुनाव आयोग राष्ट्रपति, राज्यसभा, उपराष्ट्रपति, लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और राज्य विधान परिषदों के लिए चुनाव कराता है,जबकि राज्य चुनाव आयोग नगरपालिकाओं और पंचायतों का चुनाव कराता है.