UP Cabinet लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में दो बेहद महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. राज्य सरकार ने जहां एक तरफ शाहजहांपुर के ऐतिहासिक कस्बे जलालाबाद का नाम बदलने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, वहीं दूसरी तरफ खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं की सीधी भर्ती के नियमों में बड़ा संशोधन किया है.
UP Cabinet : अब ‘परशुरामपुरी’ के नाम से जाना जाएगा जलालाबाद
उत्तर प्रदेश सरकार ने शाहजहांपुर की नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कस्बे/नगर का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ करने का फैसला किया है. कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब जैसे ही इसकी आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी होगी, यह निर्णय पूरी तरह प्रभावी हो जाएगा.
क्यों बदला गया नाम? (ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व)
भगवान परशुराम की जन्मस्थली: शाहजहांपुर का यह क्षेत्र पौराणिक काल से भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है. विभिन्न धार्मिक ग्रंथों और कथाओं में भी इसका विशेष उल्लेख मिलता है.
जनता की पुरानी मांग: इस धार्मिक महत्व को देखते हुए स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से नाम बदलने की मांग की जा रही थी.
केंद्र से मिली NOC: इस प्रस्ताव को भारत सरकार (केंद्र सरकार) से पहले ही अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिल चुका था, जिसके बाद अब राज्य कैबिनेट ने इस पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी है.
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा: “कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब संबंधित विभाग प्रशासनिक और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करेगा। इसके बाद सभी सरकारी दस्तावेजों, विभागीय कागजातों और राजस्व अभिलेखों में नगर का नाम आधिकारिक रूप से ‘परशुरामपुरी’ दर्ज कर दिया जाएगा।”
अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी के अधिक अवसर
योगी कैबिनेट ने प्रदेश के खिलाड़ियों को एक और बड़ा तोहफा दिया है. बैठक में ‘उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली-2022’ में संशोधन को मंजूरी दी गई है. इसके तहत अब विभिन्न विभागों के चिह्नित पदों को इस नियमावली में शामिल किया जाएगा, जिससे पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए नौकरियों के अवसर काफी बढ़ जाएंगे. योगी सरकार ने ओलंपिक, पैराओलंपिक,एशियन गेम्स,कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के माध्यम से चयन हेतु प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इसके तहत क्रीड़ाधिकारी के 9 पद,जिला युवा कल्याण अधिकारी के 3 पद,उप क्रीड़ाधिकारी के 23 पद पर सीधी भर्ती के माध्यम से चयन किया जाएगा.
इस फैसले की मुख्य बातें:-
लोक सेवा आयोग से बाहर होंगी नियुक्तियां: खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने बताया कि ये नियुक्तियां उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परिधि से बाहर रखी जाएंगी, जिससे खिलाड़ियों को बिना किसी लंबी प्रक्रिया के सीधी और जल्द नियुक्ति मिल सके.
बढ़ेगी युवाओं की रुचि: प्रदेश में लगातार सुधर रहे खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूपी के युवाओं का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। इस फैसले से खिलाड़ियों का मनोबल और बढ़ेगा.
उपलब्धियों के अनुरूप रोजगार: उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उनके मेडल और योग्यता के अनुसार विभागों में उचित पद दिए जाएंगे.




