Goldy Brar Murder: पंजाबी सिंगर सिद्धू मुसेवाला की हत्या का मास्टरमाइंड भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी गोल्डी बरार की हत्या नहीं हुई है, वह अभी भी ज़िंदा है. खबरों के मुताबिक गोलीबारी की जो घटना हुई थी उसमें एक अफ्रीका के शख्स की मौत हुई थी. वह शख्स गोल्डी बराड़ जैसा दिखता था. सबसे पहले इस घटना की खबर स्थानीय वेबसाइट फोकस ने दी लेकिन गोल्डी बराड़ का नाम नहीं लिखा था, इसके आधार पर भारतीय मीडिया ने इसे गोल्डी बराड़ से जोड़ दिया और उसकी मौत की खबर सोशल मीडिया के माध्यम से फैलने लगी.
Goldy Brar मौत की खबर थी अफवाह
आपको बता दें कि कैलिफोर्निया के शहर फ्रेंज्नो के पुलिस सूत्रों के मुताबिक अमेरिका के फेयरमोंट और हॉल्ट एवेन्यू में मंगलवार शाम 5:25 बजे अफ्रीका के लोगो के दो समूहों के बीच लड़ाई हुई थी. इस लड़ाई के दौरान जो शख्स नीचे गिरा उसने खुद को बचाने के लिए तमंचे से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. इस घटना के दौरान दो लोगों के पेट और सीने में गोली लगी और उनकी मौत हो गई. इनमें से मारा गया एक शख्स गोल्डी बराड़ जैसा दिखता था इसलिए वहां से गुजर रहे एक पंजाबी शख्स ने अफवाह फैला दी कि गोल्डी बराड़ की हत्या हो गई. बता दें कि भारतीय मीडिया ने गोल्डी बराड़ की हत्या का जिम्मेदार उसके प्रतिद्वंद्वी गैंग अर्श डल्ला और लखबीर लंडा को ठहराया गया.
यह भी बताया गया कि कैलीफोर्निया में भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारीयों ने फ्रेज्नो पुलिस से संपर्क किया हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है की इस बारे में भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारीयों ने क्या जानकारी दी है. पुलिस ने अभी इलाके को सील कर दिया है और मामले की जांच कर रही है.
गोल्डी बराड़ की तलाश में है पंजाब पुलिस
जानकारी के लिए बता दें कि गोल्डी बराड़ पंजाब के श्रीमुक्तसर साहिब का निवासी है. इसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस (Red Corner Notice) जारी किया था. गोल्डी बराड़ कनाडा के ब्रैम्पटन में रह रहा था लेकिन भारत सरकार द्वारा आतंकवादी घोषित कर दिए जाने के बाद वह कनाडा से भागकर अमेरिका में छिपकर रहने लगा. गोल्डी बराड़ खालिस्तानी आतंकवादी समूह बब्बर खालसा से जुड़ा है. बराड़ को भारत लाने के लिए पंजाबी पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां लगातार कोशिश कर रही हैं.

