Sunday, July 5, 2026
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IYC के चारों नेताओं को कोर्ट ने 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा, पुलिस ने लगाए ‘नेपाल जैसा विरोध, साज़िश’ रचने के आरोप

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Youth Congress shirtless protest at AI Summit
Youth Congress shirtless protest at AI Summit

इंडियन यूथ कांग्रेस AI समिट प्रोटेस्ट केस में पटियाला हाउस कोर्ट ने गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. इसके साथ ही चारों आरोपियों की बेल एप्लीकेशन खारिज कर दी गई है.
दिल्ली पुलिस ने AI समिट में शर्टलेस प्रदर्शन के लिए गिरफ्तार किए गए इंडियन यूथ कांग्रेस Youth Congress के कार्यकर्ताओं की रिमांड मांगते हुए शनिवार को कहा कि आरोपियों ने नेपाल में हुए विरोध प्रदर्शन जैसा ही विरोध प्रदर्शन किया था.
दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह देश को इंटरनेशनल लेवल पर बदनाम करने की साज़िश थी. वहीं आरोहियों के वकील ने इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन बताते हुए कहा था कि राजनीतिक विरोध प्रदर्शन को नहीं रोका जाना चाहिए.

पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किए गए Youth Congress के नेता

भारत मंडपम में AI समिट में अपने प्रोटेस्ट के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए चार इंडियन यूथ कांग्रेस वर्कर्स को शनिवार सुबह पटियाला हाउस कोर्ट लाया गया. गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान कृष्ण हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिम्हा यादव के तौर पर हुई है.
शुक्रवार को AI इम्पैक्ट समिट एग्जीबिशन हॉल में उस समय ड्रामा हुआ जब IYC वर्कर्स सरकार और इंडिया-US ट्रेड डील के खिलाफ नारे लिखी टी-शर्ट पकड़े घूम रहे थे, जिसके बाद सिक्योरिटी वालों ने उन्हें वहां से हटा दिया.

प्रोटेस्ट शांतिपूर्ण था; किसी भी वीडियो में कोई हिंसा नहीं दिखी-आरोपी के वकील

ANI न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी के वकील ने कहा कि आरोपी एक पॉलिटिकल पार्टी से जुड़े हैं, और उन्होंने अपने विरोध के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए भारत मंडपम में आंदोलन किया.
आरोपी के वकील ने कहा, “प्रोटेस्ट शांतिपूर्ण था; किसी भी वीडियो में कोई हिंसा नहीं दिखी. सभी कथित अपराधों में 7 साल तक की सज़ा हो सकती है. आरोपी के वकील ने कहा कि FIR एक पॉलिटिकल चाल से ज़्यादा कुछ नहीं है. वकील ने यह भी कहा कि वे पढ़े-लिखे लोग हैं और उनके पास डिग्री है.”
आरोपियों के वकील ने ज़मानत अर्ज़ी देते हुए कहा कि उन्हें इसलिए टारगेट किया जा रहा है क्योंकि वे एक विपक्षी पार्टी से हैं और उन्हें बुरी तरह पीटा गया था. वकील ने तर्क दिया, “कस्टडी की कोई वजह होनी चाहिए. वे जवान हैं, उनका करियर है, और राजनीतिक विरोध को इस तरह नहीं दबाया जाना चाहिए. यह एक शांतिपूर्ण विरोध था.”

गहरी साज़िश है, सही जांच के लिए कस्टडी ज़रूरी है-सरकारी वकील

इस बीच, सरकारी वकील ने कहा कि आरोपियों ने देश विरोधी नारे लगाए, और कहा कि उन्होंने PM के खिलाफ मैसेज वाली टी-शर्ट पहनी हुई थी.
आरोपियों की पांच दिन की कस्टडी मांगते हुए, दिल्ली पुलिस ने कहा कि इंटरनेशनल नेताओं और जानी-मानी हस्तियों की मौजूदगी में देश विरोधी नारे लगाए गए.
ANI ने पुलिस के हवाले से कहा, “भागे हुए दूसरे आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए उनकी कस्टडी ज़रूरी है. पुलिस ने कहा कि तीन पुलिसवाले घायल हुए हैं और उनके (आरोपियों) मोबाइल फ़ोन बरामद करने हैं ताकि यह वेरिफ़ाई किया जा सके कि उन्हें फ़ंडिंग मिली थी या नहीं. चार अलग-अलग जगहों से चार लोग एक साथ आए और टी-शर्ट प्रिंट कीं. मामले की जांच के लिए पांच दिन की कस्टडी ज़रूरी है.”
कोर्ट ने जब पूछा कि पांच दिन की कस्टडी क्यों चाहिए, तो जांच अधिकारी ने कहा कि गहरी साज़िश है, दूसरे आरोपी मौके से भाग गए, और सही जांच के लिए कस्टडी ज़रूरी है.

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