जयपुर :राजनीति में आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर जारी है. छत्तीसगढ़ में कांग्रेसी नेताओं के घर-दफ्तरों पर पड़ रहे छापे के बाद कांग्रेस के आरोपों पर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बीजेपी की कांग्रेस को जवाब दिया है.
एक कार्यक्रम के लिए जयपुर पहुंची सीतारमण ने कहा कि ‘पीने का पानी रोकने वाले, पत्थर जैसा दिल रखने वाले कांग्रेस और यूपीए सरकार और उससे जुड़े नेताओं को आरोप लगाने का हक नहीं’
वित्तमंत्री सीतारमण ने नर्मदा मसले की याद दिलाते हुए सवाल किया कि जो लोग सबका काम, सबका विकास का काम करने वाले मोदी सरकार पर आरोप लगाते हैं वो ये बताए नर्मदा का पानी गुजरात पहुंचने में कितने साल लग गये. क्या वजह थी? बीजेपी और मोदी जी पर आज वही खड़े होकर (कांग्रेस नेता खड़े होकर) आरोप लगा रहे
ED के लिए बोलो,इनकम टैक्स के लिए बोलो, पॉलिटिकल के लिए बोलो- निर्मला सीतारमण
निर्मला सीतारमण ने कहा कि अपराध है कहीं पर तो उसको मानते नहीं है.बस आरोप लगाते हैं, मैं पूछती हूं क्या नर्मदा का पानी गुजरात में जाने से रोकने का काम पॉलिटिकल नहीं था,वो लोग आज खड़े होकर बोलते हैं
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर किया कटाक्ष..
वित्तमंत्री सीतारमण ने राजस्थान के वर्तमान सीएम अशोक गहलौत को निशाने पर लेते हुए कहा – पिछले साल का बजट पढ़ लिया, कोई परवाह नहीं. पिछले साल का बजट डब्बे में लेकर आये,कुछ नहीं हुआ. सरकार को एक साल बाद याद आया कि बजट पेश करना है और पुराने बजट को ही उठाकर पढ़ दिया. मैंने संसद में रिस्पेक्ट के साथ बोला था कि किसी राज्य को ऐसा वित्त मंत्री नहीं मिलना चाहिये,गलती हो सकती है,मैं रिस्पेक्ट करती हूं.
क्या कांग्रेसी केवल देश को पीछे ही करते रहैंगे?- वित्त मंत्री
वित्तमंत्री सीतारमण ने राज्य की कांग्रेस सरकार के बहाने कांग्रेस पार्टी पर व्यंग्य करते हुए कहा कि – अब मैं पूछ रही हूं कि राजनीतिकारण की वजह से भारत को आगे बढ़ाने से रोकने वाले तंत्र केवल कांग्रेसी ही करेंगे क्योंकि उन्हें देश की भले की चिंता नहीं है, उन्हें पार्टी और परिवार की भलाई की चिंता है इसलिए उन्हें परवाह नहीं है.
चुनाव के बाद हिमाचल में बढ़ाया वैट
वित्त मंत्री ने छत्तीसगढ़ में होने वाले कांग्रेस चिंतन शिविर पर कहा कि ‘केंद्र से सवाल पूछने पर कोई रोक नहीं’ लेकिन चुनाव जीतने के बाद आम आदमी पर भार डालने वालों से भी सवाल होना चाहिए. वित्त मंत्री ने महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि – हिमाचल सरकार ने चुनाव जीतने के ठीक बाद पेट्रोल डीजल पर वैट बढ़ाया. आम जनता पर टैक्स का भार बढ़ाते हैं और फिर चिंतन शिविर की बात करते हैं. वित्तमंत्री ने हिमाचल की सरकार के बहाने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या डीजल पर वैट बढ़ाना सही है?
वित्तमंत्री ने महंगाई को लेकर आवाज उठा रही कांग्रेस को घेरते हुए बताया कि – मैनें संसद में ऐसे राज्यों की लिस्ट भी बताई है, जिन्होंने अभी तक पेट्रोल डीजल पर वैट घटाया ही नहीं है.

