दिल्ली पुलिस ने वायरल ‘इन्फ्लुएंसर’ स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया, एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया

जून में दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान 38 साल के एक आदमी संजय आज़ाद को बुरी तरह घायल करने के आरोपी खुद को इन्फ्लुएंसर बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज Swatantra Bhardwaj को शनिवार को गिरफ्तार कर एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है.

जज के आवास पर पेश किया गया Swatantra Bhardwaj

स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है. उसे कड़कड़डूमा कोर्ट कॉम्प्लेक्स में संबंधित जज के आवास पर पेश किया गया था. यह मामला मारपीट की उस घटना से जुड़ा है, जिसमें भारद्वाज ने 14 वर्षीय CJP कार्यकर्ता के पिता संजय आज़ाद के साथ मारपीट की थी और उनका सर फोड़ दिया था.

क्या है पूरा मामला

भारद्वाज, 21, और दूसरों पर 38 साल के संजय आज़ाद पर हमला करने का आरोप है, जो 23 जून को अपनी बेटी के साथ प्रोटेस्ट में गए थे.

पीड़ित, जो एक दलित व्यक्ति है, के सिर में गंभीर चोटें आईं. हालांकि, उसी दिन पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR में सिर्फ़ BNS सेक्शन 115(2) (साधारण चोट पहुंचाना) और 126(2) (गलत तरीके से रोकना) लगाया गया था. घटना वाले दिन भारद्वाज को थोड़ी देर के लिए हिरासत में लिया गया था, लेकिन कुछ घंटों बाद उन्हें छोड़ दिया गया.

पॉडकास्ट के वायरल वीडियो से मामले ने तूल पकड़ा

सितंबर 2026 में इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब एक पुराना जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो/पॉडकास्ट क्लिप वायरल हुआ. इसमें वह यह कहते नजर आया कि उसने संजय कुमार का सिर फोड़ा था और उन्हें कई टांके आए थे. उसने अपने राजनीतिक रसूख का दावा करते हुए यह भी कहा कि पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाई और उसे जेल नहीं जाना पड़ा.
उसने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उनकी सीनियर नेताओं से दोस्ती है. उसने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा का नाम लिया, जो दोनों सत्ताधारी पार्टी से हैं.
हलांकि बाद में मामले के तूल पकड़ने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज अपने बयान से बदल गया और उसने सफाई दी कि यह हमला नहीं बल्कि आत्मरक्षा था, क्योंकि भीड़ ने उसे घेर लिया था.

संजय आज़ाद की बेटी ने सोशल मीडिया पर मांगी मदद

वीडियो वायरल होने के बाद संजय आज़ाद की बेटी ने सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगाते हुए दिल्ली पुलिस पर इस मामले में कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया. वेटी ने नेता विपक्ष राहुल गांधी और आज़ाद समाज पार्टी काशी राम के अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद का नाम लेकर मदद की गुहार लगाई.
जिसके बाद पहले विपक्षी नेताओं राहुल गांधी ने उसे साथ का भरोसा दिलाया और फिर शुक्रवार को CJP के संसद मार्ग थाने पर कड़े विरोध व प्रदर्शन के बाद, दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की. पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में ले लिया.
इसके साथ ही एक नई रिपोर्ट भी दर्ज की गई जिसमें एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) और पोक्सो (POCSO) जैसी गंभीर धाराओं के तहत कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है. पुलिस का कहना है कि शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट में चोट को मामूली बताया गया था, लेकिन वायरल बयान और नए तथ्यों के आधार पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं.
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