Jantar Mantar SIR Protest नई दिल्ली : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन को लेकर शुक्रवार, 2 अक्टूबर को राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव आयोग की जवाबदेही की मांग को लेकर जुटे राजनीतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अन्य प्रदर्शनकारियों के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.द क्लिंट के पत्रकार ने बताया कि कैसे दिल्ली पुलिस लोगों को यहां आने से रोक रही है और कैसे उन्हे हिरासत में लिया जा रहा है.
Protesters trying to reach Jantar Mantar are being stopped and detained by Delhi Police.
Delhi Police has denied permission for the October 2 protests against CEC Gyanesh Kumar. Section 163 of the BNSS is in force in New Delhi, and police have put up multi-layer barricades on… pic.twitter.com/mdfKcU7Uoz
— The Quint (@TheQuint) October 2, 2026
प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में दिल्ली पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों और दंगा-रोधी वाहनों की तैनाती की गई. पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं मिलने की बात कही है. वहीं, प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे AAP नेताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का हवाला देते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए.
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने भी सुरक्षा कारणों से कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए. इससे मध्य दिल्ली में आवाजाही करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ ऱहा है.
Jantar Mantar SIR Protest:सौरभ भारद्वाज को पुलिस ने हिरासत में लिया
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे AAP नेता सौरभ भारद्वाज को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. उनके साथ पार्टी के कुछ अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी पुलिस अपने साथ ले गई. भारद्वाज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे.
पुलिस की कार्रवाई के दौरान सौरभ भारद्वाज को इस तरह से उठाकर ले जाया गया जैसे कोई बड़ा अपराधी हो. तजंतर मंतर पर भारी सुरक्षा बल तैनात किये गये हैं और हर उस रास्ते को बंद कर दिया गया है जहां से लोग तंजर मंतर पहुंच सकते हैं. जंतर मंतर के पास जबर्दस्त बैरिकेडिंग की गई , ताकि लोगों को यहां पहुंचने से रोक ाजा सके.
प्रदर्शन में शामिल होने से पहले भारद्वाज ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और Gen-Z के लोग चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी आवाज उठाने जंतर-मंतर पहुंचेंगे. उन्होंने प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए कहा कि पार्टी ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए पहले ही अनुमति मांगी थी.
AAP नेता के मुताबिक, पार्टी ने करीब छह दिन पहले प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन किया था. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी. इसी के बाद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ा.
SIR के विरोध में प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठ रहे सवाल हैं. प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मतदाता सूची में नामों को हटाने और पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए.
प्रदर्शन में शामिल राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जवाबदेही तय करने और उनके इस्तीफे की मांग उठाई. प्रदर्शनकारियों की चिंताओं में मतदाता सूची से कथित तौर पर नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़े सवाल शामिल हैं.इस प्रदर्शन का आह्वान छात्र संगठनों, राजनीतिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से किया गया था.
जंतर-मंतर पर पुलिस, RAF और दंगा-रोधी वाहन तैनात
प्रदर्शन के मद्देनजर जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किया गया. दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ RAF की तैनाती की गई और दंगा-रोधी वाहनों को भी मौके पर रखा गया.
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाके को 8 से 9 सुरक्षा जोन में बांटा गया. प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एक वरिष्ठ IPS अधिकारी को सौंपी गई, ताकि भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके.
प्रदर्शन स्थल के आसपास बैरिकेडिंग की गई और पुलिसकर्मियों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया. अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और यातायात को सुचारु रखना है.पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दिए जाने की बात दोहराई. ऐसे में जंतर-मंतर पहुंचने वाले प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी रही।
दिल्ली मेट्रो के 11 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने 11 स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. प्रभावित मेट्रो स्टेशनों में शामिल हैं:
- जनपथ
- पटेल चौक
- केंद्रीय सचिवालय
- राजीव चौक
- सेवा तीर्थ
- मंडी हाउस
- लोक कल्याण मार्ग
- आईएनए
- चावड़ी बाजार
- रामकृष्ण आश्रम मार्ग
- नई दिल्ली
इन स्टेशनों पर प्रवेश और निकास द्वार अगले आदेश तक बंद रखने की सूचना दी गई. हालांकि, कुछ प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के लिए इंटरचेंज की सुविधा जारी रखी गई, ताकि मेट्रो की दूसरी लाइनों के बीच बदलाव करने वाले यात्रियों को पूरी तरह से परेशानी न हो.
मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद होने से मध्य दिल्ली में आने-जाने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बदलनी पड़ सकती है. यात्रियों को सलाह दी गई कि वे सफर शुरू करने से पहले मेट्रो की ताजा एडवाइजरी देख लें और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें.
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति क्यों नहीं दी?
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन और मार्च की अनुमति नहीं दिए जाने की जानकारी दी. अधिकारियों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए.
प्रदर्शन के मद्देनजर नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए जाने की भी खबर है. इसके तहत संबंधित क्षेत्र में सार्वजनिक जमावड़े और कुछ गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकती है.
पुलिस की ओर से सुरक्षा बलों की तैनाती, बैरिकेडिंग और मेट्रो के प्रवेश-निकास पर पाबंदियों को इसी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बताया गया. दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी इसे चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी बात रखने का मामला बता रहे हैं और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर जोर दे रहे हैं.
SIR को लेकर सियासी टकराव तेज
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार चल रहा है. विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों की ओर से इस प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा और चुनाव आयोग की जवाबदेही से जुड़े सवाल उठाए जा रहे हैं.
जंतर-मंतर का प्रदर्शन इसी व्यापक विरोध का हिस्सा है. प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से उठाया.
AAP नेता सौरभ भारद्वाज की हिरासत और मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियों ने इस मुद्दे को राजधानी की राजनीति के केंद्र में ला दिया है.

