Samrat Cabinet Meeting : बिहार की राजनीति में आज का दिन बेहद सरगर्म रहने वाला है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली के अपने महत्वपूर्ण दौरे से वापस लौट रहे हैं और पटना पहुँचते ही वे सीधे काम पर जुट जाएंगे. मुख्यमंत्री ने आज शाम 6 बजे कैबिनेट की एक हाई-प्रोफाइल बैठक बुलाई है. पद संभालने के बाद यह उनकी दूसरी कैबिनेट बैठक है, लेकिन इसे पहली बैठक से कहीं अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह विधानसभा में विश्वासमत हासिल करने से ठीक पहले हो रही है.
Samrat Cabinet Meeting :पीएम से मिला ‘ग्रीन सिग्नल’ और विकसित बिहार का विजन
दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस मुलाकात को केवल शिष्टाचार भेंट नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे आगामी बड़े फैसलों के लिए केंद्रीय नेतृत्व की ओर से मिले ‘ग्रीन सिग्नल’ के तौर पर देखा जा रहा है. मुख्यमंत्री ने खुद कहा कि उन्हें पीएम मोदी से ‘विकसित भारत और समृद्ध बिहार’ के विजन पर बहुमूल्य मार्गदर्शन मिला है. अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि दिल्ली से मिले इस मंत्र का असर शाम की कैबिनेट बैठक में किस तरह दिखता है.
Bihar Chief Minister Samrat Choudhary met Prime Minister Narendra Modi at his residence in New Delhi on Tuesday. In his first meeting with the PM after taking office, Choudhary said he received guidance on the vision of a “Viksit Bharat and Samriddh Bihar”. @samrat4bjp |… pic.twitter.com/25XWeR1QpH
— The Statesman (@TheStatesmanLtd) April 21, 2026
पावर बैलेंस और विभागों की प्राथमिकता
फिलहाल बिहार में मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हुआ है, जिसके कारण सरकार के सभी महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव के पास ही है. आज शाम होने वाली इस बैठक में ये तीनों दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे. जानकारों का मानना है कि इस बैठक के जरिए सरकार यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि सत्ता के भीतर तालमेल और पावर बैलेंस पूरी तरह दुरुस्त है. साथ ही, विभागों के कामकाज को लेकर भी कुछ स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं.
विश्वासमत से पहले ‘मैसेज पॉलिटिक्स’ की तैयारी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को 24 अप्रैल को बिहार विधानसभा के विशेष सत्र में अपना विश्वासमत यानी फ्लोर टेस्ट पास करना है. गुरुवार को होने वाले इस शक्ति प्रदर्शन से पहले आज की कैबिनेट को ‘मैसेज पॉलिटिक्स’ का हिस्सा माना जा रहा है. सरकार चाहती है कि सदन में जाने से पहले वह जनता के बीच कुछ बड़े और जनहित से जुड़े फैसलों की घोषणा करे, जिससे विपक्ष पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जा सके. यह बैठक सरकार की प्राथमिकताओं को जनता के सामने रखने का एक बड़ा मंच साबित होगी.
सर्वदलीय बैठक और विपक्ष का रुख
कैबिनेट की बैठक से ठीक एक घंटे पहले, यानी शाम पांच बजे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है. इस बैठक में सदन की कार्यवाही और आगामी विशेष सत्र को लेकर चर्चा होगी. सरकार की कोशिश है कि जनहित के फैसलों के जरिए राजनीतिक बढ़त हासिल की जाए, लेकिन बहुत कुछ इस पर भी निर्भर करेगा कि इस सर्वदलीय बैठक में विपक्ष का रुख कैसा रहता है. क्या विपक्ष सरकार के विजन के साथ सहयोग करेगा या सदन में हंगामे के आसार रहेंगे, इसकी तस्वीर भी आज साफ हो जाएगी.
संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल
सम्राट चौधरी ने अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान ना केवल सरकार के मुखिया के तौर पर बल्कि भाजपा के एक कद्दावर नेता के तौर पर भी सक्रियता दिखाई. उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ लंबी चर्चा की. इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य संगठन और सरकार के बीच एक मजबूत सेतु बनाना है, ताकि केंद्र की योजनाओं को बिहार में धरातल पर उतारा जा सके और आगामी चुनावों के लिए एक ठोस जमीन तैयार की जा सके.

