Tuesday, January 13, 2026

Manipur violence: सीएम बीरेन सिंह तोड़ी चुप्पी,6 लोगों के मौत पर बोले- ‘आतंकवादियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा’

Manipur violence: मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने पिछले सप्ताह संदिग्ध कुकी उग्रवादियों के छह लोगों की हत्या पर दुख व्यक्त किया है और कहा है कि इस जघन्य कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों को शीघ्र ही न्याय के कटघरे में लाया जाएगा.

महिलाओं और बच्चों की हत्या को मानवता के खिलाफ अपराध-सीएम

राज्य में पिछले हफ्ते से हिंसा की ताजा लहर भड़कने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए सीएम बीरेन सिंह ने महिलाओं और बच्चों की हत्या को मानवता के खिलाफ अपराध बताया. मुख्यमंत्री ने कहा जिनके शव पिछले सप्ताह जिरीबाम जिले में एक नदी से बरामद किए गए थे उन तीन महिलाओं और बच्चों के हत्यारों को खोजने के लिए तलाशी अभियान चल रहा है.

Manipur violence:सीएम ने एक्स पर पोस्ट किया वीडियो

सिंह ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, “आज मैं यहां कुकी आतंकवादियों द्वारा जिरीबाम में बंधक बनाए गए तीन मासूम बच्चों और तीन मासूम महिलाओं की भयानक हत्या की निंदा करने के लिए गहरे दुख और गुस्से के साथ खड़ा हूं.” “इस तरह के बर्बर कृत्यों का किसी भी सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है. मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि इन आतंकवादियों की तलाश अभी जारी है और उन्हें बहुत जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा. हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक उन्हें उनके अमानवीय कृत्यों के लिए जवाबदेह नहीं ठहराया जाता.”

सीएम ने की सीआरपीएफ की तारीफ

ये छह लोग 11 नवंबर से जिरीबाम स्थित विस्थापितों के शिविर से लापता थे. यह शिविर आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद बनाया गया था जिसमें 10 विद्रोही मारे गए थे.
बुधवार को अपने संदेश में सिंह ने जिरीबाम में सीआरपीएफ की त्वरित कार्रवाई के लिए उन्हें धन्यवाद भी दिया.
बीरेन सिंह ने कहा, “लगभग 40 से 50 सशस्त्र आतंकवादियों ने बोरोबेक्रा में राहत शिविर में रह रहे आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों पर हमला किया और जिरीबाम में एक पुलिस स्टेशन को निशाना बनाया.”
उन्होंने कहा, “उनका उद्देश्य भय और विनाश फैलाना था. हालांकि, वहां तैनात सीआरपीएफ कर्मियों की समय पर और निर्णायक प्रतिक्रिया के कारण हमले को विफल कर दिया गया और उनकी त्वरित कार्रवाई ने उन 10 आतंकवादियों को मौके पर ही मार गिराया, जिससे राहत शिविरों में रह रहे सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान बच गई.”

18 महीनों से हिंसा की चपेट में है मणिपुर

मणिपुर करीब 18 महीनों से हिंसा की चपेट में है और जातीय संघर्ष कम होने का नाम नहीं ले रहा है. बढ़ते संकट के बीच, केंद्र ने पिछले हफ्ते छह क्षेत्रों में अफस्पा को फिर से लागू कर दिया, जबकि एक साल पहले इसे वहां से हटा दिया गया था, जिससे इंफाल घाटी में विरोध प्रदर्शनों की एक नई लहर शुरू हो गई.
हिंसा ने मणिपुर को प्रभावी रूप से दो जातीय क्षेत्रों में विभाजित कर दिया है – मैतेई बहुल इम्फाल घाटी और कुकी बहुल पहाड़ियां – बावजूद इसके कि सुरक्षा बलों द्वारा निगरानी किए जाने वाले बफर जोन मौजूद हैं.

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