हिरासत से बाहर आते ही सौरव दास की प्रेस कांफ्रेंस,सीईसी ज्ञानेश कुमार से पूछे तीखे सवाल

CJP Protest Saurabh Das : दिल्ली में कल के विरोध प्रदर्शन के दौरन हिरासत में लिये गये कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास ने आज  प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया जिसमें CJP के सह-संयोजक और प्रवक्ता सौरव दास ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखे आरोप लगाए. उन्होंने ज्ञानेश कुमार को ‘नंबर-1 गद्दार’ बताते हुए उनके इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि जब तक वह पद नहीं छोड़ते, आंदोलन जारी रहेगा.

सौरव दास ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था, प्रदर्शनकारियों की हिरासत, मोबाइल फोन जब्त किए जाने और वकील से संपर्क नहीं करने देने को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जागरूक युवाओं के आंदोलन से घबरा गई है और विरोध की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है.

CJP Protest Saurabh Das -‘ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए सब कुछ हो रहा है’

सौरव दास ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि आखिर उनके पास ऐसी कौन-सी जानकारी है, जिसके कारण सरकार उन्हें बचाने में जुटी है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या ज्ञानेश कुमार को 2024 के लोकसभा चुनावों से जुड़ी कोई ऐसी जानकारी है, जिसे लेकर सरकार चिंतित है.

CJP नेता ने कहा कि उनका आंदोलन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा. उनके मुताबिक, विरोध प्रदर्शन को केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे देशभर में फैलाया जाएगा.

दास ने अपनी रिहाई से जुड़ी कथित शर्त का जिक्र करते हुए भी सरकार पर तंज कसा. उनके अनुसार, उन्हें एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त पर रिहा किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि शांति भंग करने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और ज्ञानेश कुमार ने किया है.

‘देश में आपातकाल जैसे हालात’, मोदी सरकार पर निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सौरव दास ने देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति की तुलना आपातकाल जैसे हालात से की. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने ही नागरिकों के खिलाफ खड़ी हो गई है और शांतिपूर्ण विरोध करने वालों को निशाना बनाया जा रहा है.

उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार के समर्थन में और उन्हें बचाने के लिए दिल्ली को किले या छावनी में तब्दील कर दिया गया था. दास ने सुरक्षा बलों की भारी तैनाती, 50 से अधिक मेट्रो स्टेशनों के बंद होने, बैरिकेडिंग और सड़कों तथा दुकानों के प्रभावित होने का जिक्र किया.उनके मुताबिक, इन व्यवस्थाओं से आम लोगों को भी परेशानी हुई.

CJP नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपना संतुलन खो रही है और जागरूक युवाओं, खासकर Gen-Z, के विरोध से डर रही है. उन्होंने व्यवस्था पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए दावा किया कि सरकार केवल नरेंद्र मोदी और अमित शाह के हितों के लिए काम कर रही है. उन्होंने सरकार का अंत करीब होने की बात भी कही.

हालांकि, दिल्ली में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, मेट्रो स्टेशनों के बंद होने और आम नागरिकों को हुई परेशानी से जुड़े उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है.

‘विमान से उतरते ही हिरासत में लिया’, दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप

सौरव दास ने अपनी हिरासत की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विमान से उतरने के तुरंत बाद पुलिस ने उन्हें इस तरह हिरासत में लिया, जैसे उनका अपहरण किया जा रहा हो. उनके मुताबिक, उस समय उन्हें कोई औपचारिक नोटिस, दस्तावेज या हिरासत में लेने का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया.

उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए, लेकिन उन्हें जब्ती का मेमो नहीं दिया गया. दास ने आशंका जताई कि फोन के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है, उन्हें हैक या क्लोन किया जा सकता है अथवा उनमें सबूत रखे जा सकते हैं. उनके अनुसार, फोन 25 घंटे से अधिक समय तक पुलिस के पास रहे.

CJP नेता ने यह भी आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उन्हें वकील से संपर्क करने की अनुमति नहीं दी गई और तीनों नेताओं को अलग-अलग स्थानों पर रखा गया. इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस का पक्ष उपलब्ध कराई गई जानकारी में शामिल नहीं है.

बंगला साहिब गुरुद्वारे को लेकर भी उठाए सवाल

सौरव दास ने गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि दिल्ली पुलिस जूते और हथियारों के साथ गुरुद्वारे में दाखिल हुई और प्रदर्शनकारियों को बाहर निकाला. उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुद्वारा प्रबंधन पर भी दबाव बनाया गया.

दास ने सिख समुदाय से इस मामले में सहयोग की अपील की.

उन्होंने स्वतंत्र पत्रकारों को परेशान किए जाने और दक्षिणपंथी समूहों पर हिंसा भड़काने का आरोप भी लगाया. उनका कहना था कि विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए जाते हैं, जबकि उनके आरोप में शामिल अन्य समूहों के खिलाफ समान कार्रवाई नहीं होती.

युवाओं से शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की अपील

CJP नेता ने युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जारी रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि आंदोलन को देश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाया जाएगा और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पीछे नहीं हटेगी.

उनके बयानों से स्पष्ट है कि CJP इस मुद्दे को केवल दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति या पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर देशव्यापी अभियान बनाने की कोशिश कर रही है.

SIR में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहा है विरोध

CJP मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है. संगठन का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए.

10 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सौरव दास समेत CJP के कई नेताओं को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था. इसके बाद 11 अक्टूबर को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में दास ने अपनी हिरासत और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए.

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