चीन में HMPV वायरस के संक्रमण से फैला महामारी का खतरा, मरीजों के बढ़ती संख्या को देख इमरजेंसी घोषित

China New Virus : चीन में एक बार फिर से एक नये वायरस से महामारी फैलने के आसार हैं. COVID-19  वाररस के फैलने के पांच साल बाद चीन में एक बार फिर सा एक रहस्यमयी वायरस ने हमला बोला है. बताया जा रहा है कि इस वायरस के लक्षण भी कोविड की ही तरह संक्रामक और जानलेवा  हैं. अस्पतालों में और श्मशान घाटों पर बढञती संख्या तो देख चीन की सरकार ने इंरजेंसी की घोषणा कर दी है.

China New Virus से सेंट्रल चीन में महामारी के हालात

वैज्ञानिकों ने इस वायरस को नाम दिया है ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस (HMPV). बताया जा रहा है कि सेंट्रल चीन में इस बीमारी ने महामारी की शक्ल ले लिया है. अस्पताल मरीजों से भरे हैं और कई लोगों की इससे मौत भी हो चुकी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन में मल्टीपल वायरस अटैक हुआ है. यहां एक साथ  इन्फ्लूएंजा ए, एचएमपीवी, माइकोप्लाज्मा निमोनिया और कोविड-19 वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. लोग इंटरनेट पर ताजा हालत की तस्वीरें साझा कर रहे हैं.

सी फूड मर्केट से हुआ वायरस का संक्रमण – वुहान लैब रिपोर्ट 

वुहान हेल्थ  ब्यूरों की एक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 59 मरीजों में इस नये वायरस की पुष्टि हो चुकी है,जिनमें से 5 की हालत क्रिटिकल है. वुहान लैब की रिपोर्ट के मुताबिक इस वायरस का संक्रमण भी चीन के सीफूड मार्केट से हुआ है, फिलहाल चीन की सरकार ने वुहान के सीफूड मार्केट को सेनेटाईजेशन के लिए एक जनवरी से बंद कर दिया है.

संक्रमित मरीज क्वारेंटाइन और संपर्क में आये लोग आइसोलेट  

अब तक जितने मरीजों में नये वायरस की पुष्टि हुई है, उन्हें क्वारेंटइन कर दिया गया है और जिन जिन लोगों से उन मरीजों का संपर्क रहा है, उन्हें आइसोलेट कर दिया गया है. विश्व स्वास्थ संगठन के मुताबिक एचएमपीवी फ्लू में कोरोना वायरस जैसे ही लक्षण हैं. संक्रमित व्यक्ति को बुखार आता है और सांस सेने में तकलीफ होने लगती है. स्वास्थ्य अधिकारी वायरस के संक्रमण पर नजर रख रहे हैं. आम भाषा में कहें तो मरीजों में रहस्यमयी निमोनिया के जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं.

सोशल मीडिया पर चीन में मल्टीपल वायरस अटैक की खबरें

‘SARS-CoV-2 (कोविड-19)’ नामक एक ट्वीटर हैंडल ने लिखा है ‘चीन इन्फ्लूएंजा ए, एचएमपीवी, माइकोप्लाज्मा न्यूमोनिया और कोविड-19 सहित कई वायरसों में आई तेजी का सामना कर रहा है. इससे अस्पताल और श्मशान घाटों पर जमावड़ा लग गया है. चीन में बच्चे निमोनिया और “व्हाइट लंग” बीमारियों से ग्रसित हैं.’

जानकारों के मानना है कि अध्ययनों से पता चल रहा है कि ये वायरस कम से कम पिछले 60 साल से अस्तित्व में है. ये सांस की बीमारी के रुप मे पूरी दुनिया में फैल चुका है और खांसने ओर छींकने से फैलता है. इसका प्रभाव तीन से पांच दिन में दिखाई देने लगता है.

Latest news

Related news