चंद्रयान 3 की सफलता पर Sonia Gandhi ने ISRO को लिखा पत्र- ‘ISRO की सफलता से हर भारतीय हुआ गौरवान्वित’

नई दिल्ली  :  भारत के चंद्रयान 3 की सफलता की कहानी अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में सुनहरे अक्षरों में लिखी जायेगी. भारत के वैज्ञानिकों की इस सफलता पर देश और दुनिया से बधाई संदेश आ रहे हैं. भारत दुनिया का पहला देश है जिसने चंद्रमा के साउथ पोल पर उतरने में सफलता पाई है.चंद्रयान-3 की इस सफलता पर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी Sonia Gandhi ने भी इसरो (ISRO) के चीफ एस सोमनाथ को चिट्ठी लिखकर बधाई दी है.

 

ISRO को सोनिया गांधी की बधाई

सोनिया गांधी Sonia Gandhi ने आज ISRO प्रमुख एस सोमनाथ को लिखे एक पत्र में कहा है कि मुझे आपको ये बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि ISRO की शानदार उपलब्धि ने मुझे रोमांचित कर दिया.ये उपलब्धि भारतीयों खासकर युवापीढ़ी के लिए बहुत गर्व औऱ उत्साह का विषय है.

कई दशकों की मेहनत का परिणाम

सोनिया गांधी ने अपने पत्र में लिखा कि ये उपलब्धि इसरो (ISRO) के दशकों के मेहनत के बाद हासिल हुई है. इसमें कई नेताओं का उल्लेखनीय योगदान रहा है. ये संस्थान सदैव सामुहिक भावना से प्रेरित रहा है. 60 के दशक से ही ISRO आत्मनिर्भर रहा है. इस सफलता के लिए मैं इसरो परिवार के प्रत्येक सदस्य को भी बधाई देती देती हूं.

 40 दिन की यात्रा करके चांद पर पहुंचा चंद्रयान 3

आपको बता दें कि भारत का मून मिशन चंद्रयान-3 को 14 जुलाई 2023 को आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा से लांच किया गया था.40 दिन की लंबी यात्रा के बाद  भारतीय वैज्ञानिकों ने जिस धैर्य के साथ इस विक्रम लैंडर को चंद्रमा सतह पर उतारा वो काबिले तारीफ है.

17 मिनट के समय ने बढ़ाई धडकने

विक्रम लैंडर के चांद की सतह पर उतरने के 17 मिनट के समय ने देखने वालों की सांसे रोक दी थी. यही वो अहम 17 मिनट थे जिसपर पूरे मून मिशन की कामयाबी टिकी हुई थी. डरा सी गड़बड़ी हो जाती तो 54 विज्ञानिको की कोर टीम को साथ साथ पूरे देश की उम्मीदों पर पानी फिर जाता लेकिन अभूतपूर्व तैयारी और रणनीति ने टेरर 17 मिनट पर विजय पाया और अपने मिशन को कामयाब बनाकर भारत की अंतरिक्ष क्षेत्र की उपलब्धियों को स्वर्णिम अक्षरों मे लिख दिया.

कर्नाटक सरकार ने इसरो चीफ को किया सम्मानित

इसरो (ISRO) की शानदार  सफलता पर संस्थान के प्रमुख एस सोमानाथ को आज कर्नाटक सरकार ने सम्मनित किया. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र कर्नाटक की राजधानी बैंगलुरु में स्थित है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैय्या ने इसरो चीफ के घर जाकर उन्हें सम्मानित किया.

वहीं कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी शिवकुमार ने अलग से इसरो चीफ एस सोमनाथ को इसरो केंद्र में जाकर पूरी टीम से मुलाकात की और  फूल माला पहनाकर सम्मानित किया.

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