Champat Rai-Anil Mishra Resign:अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है.सूत्रों के अनुसार,श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है. बताया जा रहा है कि दोनों ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए यह फैसला लिया है.
Champat Rai, General Secretary of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust and Anil Mishra, a trustee, have resigned from their positions: Sources pic.twitter.com/v675NHUI5z
— IANS (@ians_india) June 26, 2026
हालांकि, इस संबंध में ट्रस्ट या दोनों नेताओं की ओर से आधिकारिक सार्वजनिक पुष्टि का इंतजार है लेकिन इस्तीफों की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित एसआईटी (SIT) इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और मामले में पहली एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है.
Champat Rai-Anil Mishra Resign:योगी सरकार के सख्त रुख के बाद तेज हुई कार्रवाई
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुरुआत से ही साफ कर दिया था कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में कुछ कठोर सिफारिशें की गई थीं. इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया.अब चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों को भी इसी कार्रवाई की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है.
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में दर्ज हुई पहली एफआईआर
इस मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर अयोध्या के राम जन्मभूमि थाने में पहली एफआईआर दर्ज की गई.
एफआईआर में आठ लोगों को नामजद किया गया है. इनमें राम शंकर यादव उर्फ टीनू, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव शामिल हैं.
इन सभी के खिलाफ गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि बाकी की तलाश जारी है.
बैंक खाते, मोबाइल और संपत्तियों की जांच में जुटी SIT
एसआईटी फिलहाल पूरे वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है. जांच एजेंसी आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, संपत्तियों और कथित लेन-देन की पड़ताल कर रही है.
सूत्रों का दावा है कि शुरुआती जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिसके बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है. यदि आगे और सबूत मिलते हैं तो कार्रवाई और तेज हो सकती है.
क्या थी चंपत राय की भूमिका?
चंपत राय लंबे समय तक विश्व हिंदू परिषद (VHP) के वरिष्ठ नेता रहे हैं और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव के रूप में मंदिर के प्रशासनिक संचालन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे.
मंदिर के वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक फैसलों, भूमि मामलों और दैनिक व्यवस्थाओं की निगरानी भी उनके कार्यक्षेत्र का हिस्सा रही. सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि मंदिर संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय किस स्तर तक पहुंचते थे.
बताया जा रहा है कि उनके करीबी और ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टीनू श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था के साथ-साथ चढ़ावे से जुड़ी व्यवस्थाओं में भी सक्रिय भूमिका निभाते थे. इसी वजह से जांच एजेंसियां इस पहलू को भी खंगाल रही हैं.
डॉ. अनिल मिश्रा के पास थी चढ़ावे की निगरानी की जिम्मेदारी
डॉ. अनिल मिश्रा अयोध्या के वरिष्ठ चिकित्सक होने के साथ लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं. वह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के संस्थापक ट्रस्टियों में शामिल रहे.
ट्रस्ट के भीतर उन्हें मंदिर में आने वाले नकद चढ़ावे की गिनती, सुरक्षित भंडारण और बैंक में जमा कराने की व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई थी. इसके अलावा मंदिर परिसर की साफ-सफाई और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाएं भी उनके कार्यक्षेत्र में शामिल थीं.
कौन हैं कृष्ण मोहन, जिन्होंने दर्ज कराई शिकायत?
इस पूरे मामले की शिकायत ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन ने दर्ज कराई है. उन्हें सितंबर 2025 में ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया था. इससे पहले वह भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारी रह चुके हैं और महाराष्ट्र कैडर में अपनी सेवाएं दे चुके हैं.
सेवानिवृत्ति के बाद वे सामाजिक कार्यों से जुड़े और बाद में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में शामिल हुए.
अब आगे क्या होगा?
राम मंदिर चढ़ावा विवाद अब केवल एक वित्तीय जांच तक सीमित नहीं रह गया है. एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसमें कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
साथ ही यह भी देखा जाएगा कि क्या जांच का दायरा और बढ़ता है, क्या ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव किए जाते हैं और क्या किसी अन्य जिम्मेदार व्यक्ति पर भी कार्रवाई होती है. फिलहाल पूरे देश की नजर इस बहुचर्चित मामले की जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई है.





