‘मैं हॉर्न बजा रहा था, वे हटे क्यों नहीं?’, अपनी Thar SUV से 5 लोगों को कुचल देने वाले BJP MLA के बेटे की सफाई

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में गुरुवार को एक SUV से टक्कर लगने से पांच लोग घायल हो गए. SUV को कथित तौर पर BJP MLA का बेटा चला रहा था. पिछोर MLA प्रीतम लोधी BJP MLA Pritam Lodhi के बेटे दिनेश लोधी शाम करीब 7.30 बजे करेरा इलाके में अपनी महिंद्रा थार चला रहे थे.

BJP MLA Pritam Lodhi के बेटे ने मारी 5 लोगों को टक्कर

पुलिस के मुताबिक, गाड़ी ने पहले एक मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मारी, जिससे तीन दोस्त संजय, आशीष और अंशुल परिहार घायल हो गए, जो धनरा गांव जा रहे थे.
जिसके बाद PTI के मुताबिक गाड़ी ने सड़क के उसी तरफ आगे चल रही दो महिलाओं, सीता वर्मा और पूजा सोनी को भी टक्कर मार दी.
इस हादसे में संजय परिहार को गंभीर चोटें आईं, जबकि बाकी लोगों के सिर, हाथ-पैर और कंधों में चोटें आईं. राहगीरों ने घायलों को इलाज के लिए पास के हॉस्पिटल पहुंचाया.
पुलिस ने कहा कि SUV पर “विधायक” (MLA) लिखा था और पीड़ितों के बयानों के आधार पर, घटना के समय उसे दिनेश लोधी चला रहा था.

जब मैं सायरन बजा रहा था और हॉर्न बजा रहा था, तो वे हटे क्यों नहीं?-आरोपी

घटना के बाद का एक वीडियो अब वायरल हो रहा है. पत्रकारों द्वारा शेयर की गई एक क्लिप में, लोधी वहां खड़े लोगों से बहस करते और पीड़ितों पर रास्ता साफ न करने का आरोप लगाते हुए दिख रहे हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक क्लिप में उसे यह कहते हुए सुना जा सकता है, “जब मैं सायरन बजा रहा था और हॉर्न बजा रहा था, तो वे हटे क्यों नहीं? बाइक पर तीन लोग बैठे थे और गाड़ी घुमा रहे थे.” वह आस-पास खड़े लोगों को उन्हें रिकॉर्ड न करने की चेतावनी भी दे रहे हैं.

MLA प्रीतम लोधी का बयान पुलिस को निष्पक्ष रूप से काम करना चाहिए

उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 (तेज़ गति से गाड़ी चलाना जिससे जान को खतरा हो) के तहत मामला दर्ज किया गया है. करेरा पुलिस स्टेशन के इंचार्ज विनोद चवई ने कहा कि आगे की जांच चल रही है.
MLA प्रीतम लोधी ने कहा कि पुलिस को निष्पक्ष रूप से काम करना चाहिए और पीड़ितों को न्याय दिलाना चाहिए.

बेलेबल है आरोपी का अपराध

तेज़ गति से गाड़ी चलाना BNS, 2023 की धारा 281 के तहत सज़ा का प्रावधान है, जो पहले के IPC प्रावधान की जगह लेता है.
इस धारा के अनुसार, सार्वजनिक सड़क पर इस तरह से गाड़ी चलाना जिससे इंसान की जान को खतरा हो या चोट लगने की संभावना हो, तो छह महीने तक की जेल, ₹1,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.
यह अपराध कॉग्निज़ेबल, बेलेबल है और मजिस्ट्रेट द्वारा ट्रायल किया जा सकता है.

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