ट्रंप का दावा-ईरान अपना यूरेनियम सौंपने के लिए तैयार,ईरानी मीडिया ने उड़ाया मजाक,होर्मुज पर आज 40 देशों की बैठक

Donald Trump Iran Uranium वॉशिंगटन/तेहरान : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला दावा किया है. ट्रंप का कहना है कि ईरान अपने संवर्धित (Enriched) यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपने के लिए राजी हो गया है. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने संकेत दिए कि दोनों देश एक ऐतिहासिक शांति समझौते के बेहद करीब हैं. यदि यह डील सफल होती है, तो ईरान पर लगे कड़े प्रतिबंध हट सकते हैं और वैश्विक तेल आपूर्ति फिर से सुचारू हो सकती है.

Donald Trump Iran Uranium: इस्लामाबाद में हो सकती है डील, ट्रंप जाएंगे पाकिस्तान!

ट्रंप ने ना केवल ईरान के साथ समझौते की बात की, बल्कि कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज करते हुए यह भी कहा कि अगर बातचीत के लिए परिस्थितियां बनती हैं, तो वे पाकिस्तान का दौरा भी कर सकते हैं. ट्रंप के अनुसार, समझौते की मेज इस्लामाबाद में सज सकती है. हालांकि, ईरानी मीडिया ने ट्रंप के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. ईरानी प्रेस का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ‘हवाई किले’ बना रहे हैं और हकीकत में ऐसी किसी डील पर सहमति नहीं बनी है.

होर्मुज संकट पर 40 देशों का मंथन, अमेरिका बाहर

एक तरफ जहां ट्रंप शांति का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी नाकेबंदी को लेकर दुनिया चिंतित है. आज फ्रांस और ब्रिटेन की अध्यक्षता में 40 देशों की एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक होने जा रही है. इस बैठक का मुख्य एजेंडा समुद्र में जहाजों की सुरक्षा और तेल सप्लाई पर पड़ रहे असर को कम करना है. दिलचस्प बात यह है कि इस हाई-प्रोफाइल बैठक में अमेरिका हिस्सा नहीं ले रहा है.

ईरान के परमाणु कार्यक्रम का गणित: बम से कितनी दूर?

बता दें कि यूरेनियम का इस्तेमाल ऊर्जा और हथियार दोनों के लिए होता है, लेकिन सब कुछ इसके शुद्धिकरण (Enrichment) पर निर्भर करता है. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास फिलहाल 5 से 6 टन संवर्धित यूरेनियम है. परमाणु बम बनाने के लिए 90% शुद्धता की आवश्यकता होती है, जबकि ईरान ने अभी लगभग 130 किलो यूरेनियम को 60% तक शुद्ध कर लिया है. यही कारण है कि अमेरिका और इजरायल लगातार ईरान पर इस भंडार को सरेंडर करने का दबाव बना रहे हैं.

मिडिल ईस्ट से जुड़े 5 बड़े घटनाक्रम

बीते 24 घंटों में इस क्षेत्र में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं. इजरायल और लेबनान के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में 10 दिनों के संघर्षविराम (Ceasefire) पर सहमति बन गई है, जो शुक्रवार से लागू होगा. इस दौरान शांति समझौते पर आगे की बातचीत की जाएगी. हालांकि, लेबनान सरकार के लिए चुनौती हिजबुल्लाह को नियंत्रित करना होगी.

दूसरी ओर, अमेरिकी मिलिट्री ने अपनी तैयारियां कम नहीं की हैं. अधिकारियों का कहना है कि अगर ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत विफल रहती है, तो मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सैनिक दोबारा कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं. वहीं, घरेलू मोर्चे पर ट्रंप को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई रोकने वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया है.

Latest news

Related news