बिहार में पहली बार होने जा रहा है एशियन महिला हॉकी चैम्पियनशिप ट्रॉफी, टीमों की पहुंचना शुरु

Asian Women’s Hockey Championship :  बिहार का राजगीर एशियन महिला हॉकी चैम्पियनशिप ट्रॉफी के लिए पूरी तरह से तैयार है. ये पहला मौका है जब बिहार एक अंतराष्ट्रीय टूर्नामेंट अपनी धरती पर करवाने जा रहा है. राजगीर में स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है, जहां पहली बार इस तरह के मेगा इवेंट का आयोजन किया जा रहा है.यहां एशियन महिला हॉकी चैम्पियनशिप ट्रॉफी 11 नवंबर से शुरु होगा जो 20 नवंबर तक चलेगा.

Asian Women’s Hockey Championship : भारतीय टीम गया पहुंची 

बिहार पहली बार इस मेगा टूर्नामेंट की मेजबानी कर रही है. ये टूर्नामेंट 11 से 20 नवंबर तक राजगीर के स्टेडियम में चलेगा . इस मेगा इवेंट का हिस्सा बनने सोमवार को भारतीय हॉकी टीम की खिलाड़ी गया इंटरनेशलन एयरपोर्ट पहुंची,जहां सभी खिलाडियों का भव्य स्वागत हुआ. महिला हॉकी टीम एयरपोर्ट से भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच राजगीर के लिए रवाना हुई. भारतीय टीम का पहला मुकाबला मलेशिया के साथ होगा.

चैंपियनशिप में कौन कौन से देश शामिल 

इस टूर्नोमेंट में भारत के साथ साथ और 5 देशों की टीमें हिस्स ले रही हैं.इसमें भारत के साथ- साथ चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और थाईलैंड शामिल है . टूर्नामेंट में हर टीम 5 -5 मैच खेलेगी. भारत का मुकाबला 11 नवंबर को मलेशिया से, 12 नवंबर को कोरिया से, 13 नवंबर को थाईलैंड से , 16 नवंबर को चीन से और 17 नवंबर को जापान से होगा. इस टूर्नामेंट में हर दिन तीन मुकाबले खेले जायेंगे. भारतीय टीम का मुकाबला संध्या 7:30 बजे से शुरू होगा.

खिलाडियों की सुरक्षा के लिए किये गये हैं खास इंतजाम 

बिहार राज्य खेल प्राधिकरण महानिदेशक-सह -मुख्य कार्यकारी अधिकारी  रवींद्रण शंकरण ने बताया कि खिलाडियों की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किये गये हैं.सभी टीम को एक- एक वोल्वो बस दिया गया है, इसके साथ ही खिलाडियों की बस को बिहार पुलिस की जिप्सी एस्कॉर्ट करेगी.

दूसरे देश से आये मेहमानों को बिहार की कला संस्कृति से रुबरु करायेंगे  

बिहार राज्य खेल प्राधिकरण महानिदेशक-सह -मुख्य कार्यकारी अधिकारी  रवींद्रण शंकरण ने बताया कि  विदेशी से आई सबी टीमों को वेलकम किट के तौर पर बिहार राज्य के कला संस्कृति से जुड़े आर्ट एंड क्राफ्ट की वस्तुएं भेंट में दी जायेंगी. टूर्नामेंट मे कुछ 6 देशो की टीमें हिस्सा ले रही है,इस में से  चार देश ऐसे है जो  बौद्ध धर्म को मानने वाले हैं. ऐसे में इन खिलाड़ियों को प्रदेश के मुख्यमंत्री की तरफ से भेट के रुप में  बोधि वृक्ष के झड़े हुए पत्ते को फ्रेम करके दिया जाएगा. बोधिवृक्ष के  पत्ते पर संबंधित देश की भाषा में भगवान बौद्ध के संदेश लिखे होंगे. यह बेहद ही शानदार पहल है जिसे गया जिले के डीएम ने सोचा है.

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