Tuesday, January 13, 2026

Bihar polls: जीत के एक दिन बाद बीजेपी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह को निलंबित किया, ‘पार्टी विरोधी’ गतिविधियों का है आरोप

Bihar polls: बिहार विधानसभा जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह को पार्टी से निलंबित कर दिया है. भारतीय जनता पार्टी की बिहार इकाई ने शनिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री आर के सिंह और भाजपा एमएलसी अशोक अग्रवाल को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए पार्टी से निकाल बाहर किया.

 बीजेपी ने दोनों नेताओं को 7 दिन में अपना रुख स्पष्ट करने को कहा

पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि संगठन में अनुशासन बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई है और साथ ही यह भी कहा गया है कि पार्टी के भीतर लगातार जारी बयानबाजी के कारण यह आवश्यक था. दोनों नेताओं को एक सप्ताह के भीतर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा गया है.


Bihar polls: क्या रही दोनों नेताओं को पार्टी से बाहर करने की वजह

बिहार बीजेपी का ये फैसला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) द्वारा बिहार में प्रचंड जीत के साथ बहुमत हासिल करने के एक दिन बाद आया है.
भाजपा के घटनाक्रम से अवगत लोगों के अनुसार, आरा से भाजपा के पूर्व सांसद आरके सिंह के खिलाफ यह कार्रवाई चुनाव प्रचार के दौरान और उसके आसपास पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की शिकायतें मिलने के बाद की गई है. जानकार लोगों ने बताया कि सिंह पार्टी नेताओं पर गंभीर आरोप लगा रहे थे.
वहीं, एमएलसी अशोक अग्रवाल का बेटा विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के टिकट पर कटिहार से चुनाव लड़ा था.

आरके सिंह पर क्या है पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप

दरअसल पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री आरके सिंह पिछले कई दिनों से NDA नेतृत्व, नीतीश सरकार और एनडीए के उम्मीदवारों पर गंभीर आरोप लगा रहे थे. उन्होंने न सिर्फ गठबंधन के कुछ उम्मीदवारों की साख पर सवाल उठाए बल्कि सार्वजनिक मंचों से लोगों से अपील की कि “ऐसे लोगों को वोट देने से अच्छा है, चुल्लू भर पानी में डूब मरना.”

इसके साथ ही सिंह ने बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, जेडीयू के बाहुबली नेता अनंत सिंह और RJD के सूरजभान सिंह को खुलेआम “हत्या का आरोपी” कहा था.

आरके सिंह ने नीतीश सरकार पर 62,000 करोड़ रुपये के बिजली घोटाले का आरोप लगाया था

आरके सिंह ने अडाणी समूह के साथ किया गया बिजली खरीद समझौता को “जनता के साथ धोखा” बताया था. उनका कहना था कि नीतीश सरकार अडाणी पावर से 6.75 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदेगी, जबकि मौजूदा बाजार दर इससे काफी कम है.

इसके साथ ही सिंह ने पूछा कि जब केंद्रीय बजट में इस प्लांट के NTPC द्वारा लगाए जाने की घोषणा हो गई थी तो प्रोजेक्ट को निजी हाथों में क्यों सौंपा गया.

आरके सिंह ने लिखा था—“चोरी और सीना जोरी साथ नहीं चल सकती. भ्रष्टाचार पर चुप रहना हमारे संस्कार में नहीं है.”

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