Bihar High-Security Jail : बिहार में नई सरकार के आने के बाद भी कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार रसातल में ही जाती दिखाई दे रही है. नीट छात्रा कांड के बाद से लगातार राज्य में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. ऐसे में बिहार सरकार ने राज्य में बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने के लिए एक अलग लेवल की जेल व्यवस्था बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. सरकार का प्रस्ताव है कि राज्य में कुछ ऐसे जेल बनाये जायें,जिसकी व्यवस्था कालापानी के जैसी हो.
Bihar High-Security Jail:ऐसी जगह जहां पहुंचना भी होगा दुर्गम
बिहार सरकार अपराधियों के लिए कालापानी जैसी सख्त सजा की व्यवस्था लाने की तैयारी में हैं. राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार 20 फरवरी 2026 को बिहार विधानसभा में घोषणा की कि सरकार कुख्यात और खतरनाक अपराधियों पर नकेल कसने के लिए एक नई हाई-सिक्योरिटी जेल बनाने जा रही है. ये हाई सिक्योरिटी जेल किसी पहाड़ी, वीरान या ऐसे दुर्गम इलाके में बनाई जायेगी, जहां आम लोगों का पहुंचना भी मुश्किल होगा. ये जेल पहाड़ों, जंगलो या नदी के बीच हो सकता है. एक तरह से ये ऐसे जेल होंगे जहां रहने वाले अपराधियों का संपर्क बाहरी दुनिया से पूरी तरह से कट जाएंगा. दूसरे शब्दों में कहें तो ये सजा अंडमान द्वीप पर मिलने वाले कालेपानी जैसी होगी . यहां कोई सड़क नहीं, इंटरनेट नहीं, कैदी एक-दूसरे को देख भी नहीं पाएंगे यानी सेलुलर जेल की तरह अलग-अलग सेल्स.
शुरुआत में 100 कैदियों की होगी क्षमता
इस तरह के जेल बनाने के प्रस्ताव बिहार पुलिस का है जो फिलहाल गृह विभाग के पास है. कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस योजना पर काम शुरू किया जायेगा . इस तरह की जेल बनाने का उद्देश्य राज्य में बढ़ रहे संगठित अपराध, माफिया और कुख्यात अपराधियों को कड़ी सजा देना है. सरकार कैदियों का संपर्क बाहरी दुनिया से तोड़कर उन्हें कड़ी सजा देने के लिए फुल प्रूफ इंतजाम करने की तैयारी में है.

