Bihar Flood पटना: बिहार में बाढ़ की विकराल स्थिति के बीच केंद्र सरकार ने राज्य को राहत और पुनर्वास के लिए हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को पटना पहुंचे और उन्होने सीएम सम्राट चौधरी के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्थलीय और हवाई सर्वेक्षण किया. इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और बाढ़ से हुई फसल, मकान तथा सड़क संबंधी क्षति का जायजा लिया.
बिहार में बाढ़ की विभीषिका के बीच आज जमीनी स्थिति का अवलोकन किया और प्रभावित परिवारों से संवाद किया। राज्य सरकार पूरी तत्परता से राहत कार्यों में जुटी है। केंद्र सरकार की टीमें भी क्षति का आकलन कर रही हैं। संकट की इस घड़ी में बिहार की जनता के साथ हम मजबूती से खड़े हैं। pic.twitter.com/HP8vENA9xB
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) September 16, 2026
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल प्रदेश में 15 जिला बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित है और करीब 49.67 लाख लोग बाढ़ की विभिषिका का सामना कर रहे हैं.कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर रहने के कारण कुछ इलाकों में स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है. हालांकि, अधिकांश नदियों के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आने की भी जानकारी आ रही है.
Bihar Flood:हाजीपुर के तेरसिया और सरायपुर पहुंचे शिवराज
पटना पहुंचने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ वैशाली जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. दोनों नेताओं ने हाजीपुर के तेरसिया और सरायपुर इलाकों में बाढ़ की स्थिति देखी. इस दौरान खेतों में पहुंचकर फसल को हुए नुकसान का जायजा लिया गया और किसानों से सीधे बातचीत की गई.
शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी किया. इसके बाद उन्होंने नाव के जरिए प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया. अधिकारियों से स्थानीय स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी भी ली गई.
तेरसिया में बाढ़ के कारण केले की फसल को हुए नुकसान को भी केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने देखा. किसानों ने अपनी समस्याएं और फसल नुकसान की जानकारी दोनों नेताओं के सामने रखी.
करीब 50 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित
बिहार में बाढ़ का असर बड़े क्षेत्र में देखने को मिल रहा है. उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक करीब 49.67 लाख लोग 15 जिलों में प्रभावित हुए हैं. कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में जाना पड़ा है. राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ प्रभावित परिवारों तक भोजन और जरूरी सामान पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है.
बाढ़ से सिर्फ आबादी ही प्रभावित नहीं हुई है, बल्कि बड़ी मात्रा में कृषि भूमि और फसलों को भी नुकसान पहुंचा है. ऐसे में किसानों के नुकसान का आकलन केंद्रीय टीम के दौरे का एक अहम हिस्सा है.
‘केंद्र सरकार बिहार के साथ खड़ी है’
बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य सरकार राहत और सहायता के काम में जुटी हुई है. भोजन वितरण समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने स्तर पर जो संभव है, वह कर रही है और केंद्र सरकार भी बिहार को इस संकट से बाहर निकालने में हरसंभव सहयोग करेगी.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बाढ़ से सड़कों, मकानों और फसलों को हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा. नुकसान का आंकलन सामने आने के बाद प्रभावित लोगों की सहायता के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर राहत एवं पुनर्वास से जुड़े कामों को आगे बढ़ाएंगी.
सम्राट चौधरी ने केंद्र के सहयोग के लिए जताया आभार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय टीम के बिहार पहुंचने पर केंद्र सरकार का आभार जताया. उन्होंने कहा कि सरकार लगातार बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ बातचीत कर रही है और उनकी जरूरतों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने पर चर्चा की जा रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ की स्थिति और नुकसान का जायजा लेने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति भी आभार जताया कि केंद्र की टीम को बिहार भेजकर जमीनी स्थिति का आकलन कराया जा रहा है.
राहत राशि के वितरण की भी हो रही जांच
बिहार सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए 7,000 रुपये की राहत राशि देने की प्रक्रिया शुरू की है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान लोगों से यह भी पूछा कि राहत राशि उनके बैंक खातों में पहुंची है या नहीं. कुछ लोगों ने राशि मिलने की बात कही, जबकि कुछ ने अभी तक भुगतान नहीं होने की जानकारी दी.
इससे संकेत मिलता है कि सरकार अब राहत राशि के वितरण की जमीनी स्थिति की भी समीक्षा कर रही है, ताकि पात्र प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाई जा सके.
मुंगेर और भागलपुर में भी होगा जायजा
शिवराज सिंह चौहान वैशाली के बाद मुंगेर और भागलपुर क्षेत्रों का भी दौरा कर रहे हैं. मुंगेर के नवागढ़ी स्थित राहत शिविर में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात और राहत व्यवस्था की समीक्षा का कार्यक्रम है. इसके बाद भागलपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और राहत शिविरों का जायजा लेने की योजना है.
दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री के साथ केंद्र सरकार के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं. इसका उद्देश्य जमीनी स्थिति, फसल नुकसान और राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी जुटाना है.
पटना में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी की गई. इसमें बाढ़ आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों और किसानों को होने वाले नुकसान पर चर्चा की गई. केंद्र की टीम राज्य सरकार से बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन भी ले रही है.
बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी के आधार पर आगे राहत, पुनर्वास और प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक सहायता पर फैसला किया जा सकता है.
केंद्र-राज्य समन्वय पर जोर
बिहार में बाढ़ की मौजूदा स्थिति के बीच केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. एक तरफ राज्य सरकार राहत शिविरों, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और राहत राशि के वितरण पर काम कर रही है, वहीं केंद्रीय टीम नुकसान का आकलन कर रही है.
फिलहाल सरकार का फोकस प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत पहुंचाने, किसानों की क्षतिग्रस्त फसलों का आकलन करने और बाढ़ के बाद सड़क, मकान तथा अन्य बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का जायजा लेने पर है. शिवराज सिंह चौहान का यह दौरा इसी व्यापक आकलन और राहत व्यवस्था की समीक्षा का हिस्सा है.

