दिल्ली की एक अदालत ने आम आदमी पार्टी (AAP) सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल Arvind Kejriwal को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा एजेंसी के समन को नज़रअंदाज़ करने के आरोप में दर्ज दो मामलों में बरी कर दिया है.
Arvind Kejriwal और अमानतुल्लाह खान दोनों बरी
ED दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस के सिलसिले में समन के बावजूद पेश न होने पर केजरीवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही थी. राउज़ एवेन्यू कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) पारस दलाल ने यह आदेश दिया.
इसी कोर्ट ने AAP के ओखला विधायक अमानतुल्लाह खान को भी एक अलग ED केस में बरी कर दिया है, जिसमें उन पर केंद्रीय जांच एजेंसी के समन को नज़रअंदाज़ करने का आरोप था. अमानतुल्लाह खान के खिलाफ जांच दिल्ली वक्फ बोर्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस के सिलसिले में थी.
ED का आरोप क्या था?
ED ने फरवरी 2024 में केजरीवाल के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की थी, क्योंकि उन्होंने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धारा 50 के तहत एजेंसी द्वारा जारी समन का पालन नहीं किया था.
कथित घोटाले की जांच के सिलसिले में अलग-अलग तारीखों पर पांच समन जारी होने के बावजूद केजरीवाल केंद्रीय एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए थे.
दिल्ली आबकारी नीति मामला
मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की ED की जांच 17 अगस्त, 2022 को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) द्वारा 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं के संबंध में दर्ज किए गए एक मामले से शुरू हुई है. CBI का मामला 20 जुलाई, 2022 को उपराज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा की गई शिकायत पर दर्ज किया गया था.
इसके बाद ED ने 22 अगस्त, 2022 को आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से एक मामला दर्ज किया. केजरीवाल को बाद में मुख्य मामले में गिरफ्तार किया गया और आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी.

