WB BJP Manifesto : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र यानी ‘संकल्प पत्र’ जारी कर दिया है. इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल को फिर से ‘सोनार बांग्ला’ बनाने का संकल्प दोहराया और वर्तमान ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला.
LIVE: HM Shri @AmitShah Ji releases BJP Sankalp Patra for West Bengal Assembly Election 2026 in Kolkata. #BhorosharShopothBJP
https://t.co/lPRPNmN2AE— Parshottam Rupala (@PRupala) April 10, 2026
WB BJP Manifesto :भाजपा बोला ममता सरकार पर हमला
उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अब तुष्टिकरण, तानाशाही और वसूली की राजनीति से पूरी तरह ऊब चुकी है और राज्य में एक ऐसी सरकार चाहती है जो पारदर्शी होने के साथ-साथ विकास की राजनीति को प्राथमिकता दे. भाजपा के इस संकल्प पत्र का मुख्य उद्देश्य बंगाल के हर वर्ग में फैली निराशा को दूर कर एक नई आशा का संचार करना है.
महिलाओं के लिए ऐतिहासिक वादे
इस घोषणापत्र में महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए कई ऐतिहासिक वादे किए गए हैं. भाजपा ने संकल्प लिया है कि यदि राज्य में उनकी सरकार बनती है, तो लड़कियों के लिए केजी (KG) से लेकर पीजी (PG) तक की पढ़ाई पूरी तरह मुफ्त होगी. इसके साथ ही, महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकारी नौकरियों में उन्हें 33 प्रतिशत आरक्षण देने का बड़ा वादा किया गया है. अमित शाह ने जोर देकर कहा कि यह घोषणापत्र उन महिलाओं के लिए एक सुरक्षा चक्र की तरह है जो वर्तमान में डर के साए में जी रही हैं और उन युवाओं के लिए रोजगार का मार्ग प्रशस्त करता है जो वर्तमान शासन में अवसर की कमी महसूस कर रहे हैं.
‘ममता बैनर्जी ने बंगाल को अंधकार में पहुंचाया’- अमित शाह
ममता सरकार की आलोचना करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि पिछले 15 वर्षों का समय बंगाल की जनता के लिए एक अंधकारमय दौर की तरह रहा है. उन्होंने तर्क दिया कि जनता ने कम्युनिस्ट शासन से मुक्ति पाने के लिए बड़ी उम्मीदों के साथ ममता दीदी को जनादेश दिया था, लेकिन तीन बार सत्ता में रहने के बावजूद वे उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं. शाह के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन-केंद्रित शासन के मॉडल को बंगाल में लागू करने का समय आ गया है. भाजपा अब राज्य में एक रचनात्मक विपक्ष से आगे बढ़कर शासन की बागडोर संभालने के लिए तैयार है, ताकि बंगाल की खोई हुई सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान को वापस लौटाया जा सके.

