Bomb threat: शुक्रवार को बेंगलुरु के कम से कम 40 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियाँ मिलीं. इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लगभग 50 स्कूलों को भी आज इसी तरह की धमकियाँ मिली है. बेंगलुरु के सभी स्कूलों में तलाशी दल और जाँच शुरू कर दी गई है.
शुक्रवार सुबह, सिविल लाइंस स्थित सेंट जेवियर्स, पश्चिम विहार स्थित रिचमंड ग्लोबल स्कूल, रोहिणी स्थित अभिनव पब्लिक स्कूल और रोहिणी स्थित द सॉवरेन स्कूल समेत दिल्ली के लगभग 50 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली. यह लगातार चौथा दिन था जब राष्ट्रीय राजधानी के स्कूलों को ऐसी धमकियाँ दी गईं.
Bomb threat: बेंगलुरु के स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था की गई
बेंगलुरु शहर पुलिस ने अलर्ट जारी होने के बाद स्कूलों में कई टीमें तैनात कर दी हैं.
‘स्कूल के अंदर बम’ शीर्षक वाला ईमेल roadkill 333@atomicmail.io से कई संस्थानों को भेजा गया था. बम की धमकी वाले इस मेल में आगे दावा किया गया था कि स्कूलों में टीएनटी छिपा हुआ है और इसमें हिंसक तरीके से बताया गया था कि छात्रों के साथ क्या होगा.
मेल में आगे लिखा था, “आप सभी को भुगतना ही होगा. मुझे अपनी ज़िंदगी से सख़्त नफ़रत है.”
बम की धमकी वाले ईमेल में क्या लिखा था
दिल्ली पुलिस के अनुसार, रिचमंड ग्लोबल स्कूल को मिली धमकी में भय और अराजकता फैलाने के उद्देश्य से परेशान करने वाली और हिंसक भाषा का इस्तेमाल किया गया था. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, ईमेल में लिखा था: “नमस्ते. मैं आपको यह बताने के लिए लिख रहा हूँ कि मैंने स्कूल की कक्षाओं में कई विस्फोटक उपकरण (ट्राइनाइट्रोटोल्यूइन) रखे हैं.”
पत्र में आगे विस्तार से बताया गया है, “विस्फोटकों को बड़ी कुशलता से काले प्लास्टिक बैगों में छिपाया गया है. मैं तुम सब को इस दुनिया से मिटा दूँगा. एक भी जीवित नहीं बचेगा. जब मैं समाचार देखूँगा तो मुझे खुशी से हँसी आएगी, क्योंकि मैं देखूँगा कि माता-पिता स्कूल पहुँच रहे हैं और उन्हें अपने बच्चों के ठंडे, क्षत-विक्षत शरीर दिखाई दे रहे हैं.”
पत्र में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का भी ज़िक्र किया, चिकित्सा व्यवस्था पर गुस्सा जताया और अपनी जान लेने की कसम खाई.
पत्र में आगे लिखा है, “आप सभी कष्ट सहने के लायक हैं. मुझे अपनी ज़िंदगी से सचमुच नफ़रत है, इस खबर के बाद मैं आत्महत्या कर लूंगा, अपना गला और कलाई काट लूँगा. मुझे कभी भी सच्ची मदद नहीं मिली, मनोचिकित्सकों, मनोवैज्ञानिकों, किसी ने कभी परवाह नहीं की और न ही कोई कभी परवाह करेगा. आपको बस असहाय और अज्ञानी इंसानों को दवा देने की परवाह है… आप लोगों का माइड वॉश कर उन्हें यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि मनोरोग की दवाएँ उनकी मदद कर सकती हैं. लेकिन वे ऐसा नहीं करते. मैं इसका जीता जागता सबूत हूँ कि वे ऐसा नहीं करते. आप सभी इसके लायक हैं. आप भी मेरी तरह कष्ट सहने के लायक हैं.”
इस हफ़्ते लगभग 100 स्कूलों को बम की धमकियाँ मिलीं
शुक्रवार को मिली बम की धमकियों के साथ, भारत भर के लगभग 100 स्कूलों को धमकी भरे संदेश मिले हैं. इनमें से 60 स्कूल दिल्ली के हैं.
पिछले हफ़्ते, दिल्ली भर के 60 स्कूलों को बम की धमकियाँ मिली हैं. ये धमकियाँ, जिन्हें बाद में फ़र्ज़ी घोषित कर दिया गया, एन्क्रिप्टेड नेटवर्क और वीपीएन से भेजी गई थीं, जिससे उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो गया था.
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, “डार्क वेब पर किसी को ट्रैक करना शीशों से भरे कमरे में परछाईं का पीछा करने जैसा है. जैसे ही आपको लगता है कि आपको कोई सुराग मिल गया है, वह गुमनामी की एक और परत के पीछे गायब हो जाता है.”
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