कॉरिडोर से मंदिर तक…अखिलेश ने भाजपा पर लगाया ‘मेगा घोटाले’ का आरोप

Akhilesh yadav : समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में बने हर कॉरिडोर और सड़क चौड़ीकरण परियोजना के पीछे बड़े स्तर पर घोटाले हुए हैं, जिनकी बहुसदस्यीय न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए.

मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर और चौड़ीकरण योजनाओं में हुए कथित घोटालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए.

Akhilesh yadav-ट्रस्टी से लेकर अधिकारियों तक सभी की हो जांच

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि इन परियोजनाओं में यदि कोई घोटाला हुआ है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी ट्रस्ट के ट्रस्टी, समिति के सदस्य, विकास प्राधिकरण के अधिकारी या प्रशासनिक अधिकारी को जांच से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए.

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि इतने बड़े स्तर के घोटाले बिना मिलीभगत के संभव नहीं हैं. उन्होंने यह भी मांग की कि पिछले कुछ वर्षों में इन परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों और पदाधिकारियों की संपत्तियों की जांच की जाए तथा कथित अवैध कमाई का भी खुलासा किया जाए. उन्होंने सुझाव दिया कि यह जांच आम जनता, ईमानदार पत्रकारों और विभिन्न दलों के जनप्रतिनिधियों की निगरानी में हो.

अयोध्या में शिव मंदिर ध्वस्तीकरण का वीडियो किया साझा

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें अयोध्या में स्थित एक पुराने शिव मंदिर को बुलडोजर से गिराते हुए दिखाया गया है. बताया जा रहा है कि यह मंदिर वर्ष 1940 में निर्मित था.

दरअसल, 11 जून को अयोध्या के 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण अभियान के तहत प्रशासन ने कई मकानों और निर्माणों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की थी. इसी कार्रवाई के दौरान परिक्रमा पथ की जद में आने वाले इस शिव मंदिर को भी हटाया गया. मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे.

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर भी बोले अखिलेश

इससे पहले राम मंदिर में चढ़ावे की राशि को लेकर सामने आए विवाद पर भी अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच होना सनातन परंपरा के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है.

मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि यदि चढ़ावे में कोई गड़बड़ी हुई है तो “कैमरे बंद करके चोरी किया गया चढ़ावा वापस रख दीजिए, भगवान माफ कर देंगे.” उन्होंने यह भी कहा कि धर्म की सेवा करने वाले पुजारियों की जांच अधिकारियों द्वारा किया जाना सनातन संस्कृति का अपमान है.

राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर साधु-संतों का बढ़ा दबाव

उधर, अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावे की राशि में कथित गबन के आरोपों को लेकर साधु-संतों के बीच नाराजगी बढ़ती जा रही है.

अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के संरक्षक स्वामी महेशाश्रम महाराज ने ट्रस्ट को तत्काल भंग करने और इसके महासचिव चंपत राय को पद से हटाने की मांग की है. प्रयागराज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि चढ़ावे के सात करोड़ रुपये से अधिक की कथित अनियमितताओं की जांच के लिए राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की है, लेकिन निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए ट्रस्ट की वर्तमान व्यवस्था में बदलाव आवश्यक है.

राजनीतिक माहौल गरम

अयोध्या में मंदिर ध्वस्तीकरण, राम मंदिर चढ़ावा विवाद और ट्रस्ट पर लगे आरोपों के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है. विपक्ष भाजपा सरकार को घेरने में जुटा है, जबकि मामले की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.

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