होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान में दो फाड़ ! IRGC बंद करने पर अड़ा,सरकार बोली- युद्ध नहीं,बातचीत ही समाधान

Hormuz Strait Crisis :अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब ईरान के भीतर भी रणनीति को लेकर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को लेकर ईरान की सत्ता व्यवस्था दो अलग-अलग विचारधाराओं में बंटी हुई दिखाई दे रही है। एक ओर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए होर्मुज स्ट्रेट पर सख्त रुख अपनाने की वकालत कर रही है, जबकि राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की सरकार सैन्य टकराव से बचते हुए कूटनीतिक समाधान तलाशने के पक्ष में है।

Hormuz Strait Crisis : ईरान के भीतर रणनीति को लेकर बढ़ा मतभेद

सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के सत्ता तंत्र में फिलहाल दो अलग-अलग रणनीतियां सक्रिय हैं। एक धड़ा मानता है कि होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण बनाए रखना ईरान की सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत है, जबकि दूसरा धड़ा मानता है कि लगातार बढ़ते सैन्य तनाव से देश को नुकसान होगा और बातचीत ही बेहतर विकल्प है।

IRGC चाहता है अमेरिका पर बढ़े दबाव

विश्लेषकों के अनुसार, ईरान की ताकतवर सैन्य संस्था IRGC का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट पर सख्त नियंत्रण अमेरिका और उसके सहयोगियों पर दबाव बनाने का सबसे प्रभावी तरीका है। कट्टरपंथी धड़ा यह भी चाहता है कि अमेरिका को ऐसा जवाब दिया जाए जिससे भविष्य में वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने से पहले कई बार सोचने को मजबूर हो।

पेजेशकियान सरकार बातचीत के पक्ष में

दूसरी ओर राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ जैसे नागरिक नेता युद्ध की बजाय कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दे रहे हैं। सरकार चाहती है कि ओमान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से वार्ता शुरू हो, ताकि होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके।

ओमान निभा सकता है अहम भूमिका

विशेषज्ञों का मानना है कि ओमान दोनों देशों के बीच संवाद बहाल कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। तेहरान की नागरिक सरकार को उम्मीद है कि मध्यस्थता के जरिए क्षेत्रीय तनाव कम होगा और समुद्री मार्ग को लेकर सहमति बन सकेगी।

अमेरिका ने भी दोहराया अपना रुख

इस बीच अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखना उसकी राष्ट्रीय और रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल है। वॉशिंगटन का कहना है कि यदि इस समुद्री मार्ग को बाधित करने या बंद करने की कोई कोशिश हुई तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।

दुनिया के 20% तेल व्यापार की जीवनरेखा है होर्मुज स्ट्रेट

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति लाइनों में से एक है। वैश्विक स्तर पर होने वाले करीब 20 प्रतिशत तेल व्यापार का आवागमन इसी समुद्री मार्ग से होता है। ऐसे में ईरान के भीतर बढ़ते मतभेद और अमेरिका के साथ जारी तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार, समुद्री व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

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