Bahraich violence: ‘राजनीतिक लाभ लेने के लिए जानबूझकर बीजेपी ने दंगा कराया ‘-अखिलेश यादव

सोमवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि बहराइच हिंसा Bahraich violence सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा योजनाबद्ध थी.
उन्होंने मैनपुरी में कहा, “भारतीय जनता पार्टी ने जानबूझकर के दंगा कराया क्योंकि उनको पता है चुनाव आ गया है, किसी भी सवाल का जवाब जनता में नहीं दे सकते. इसीलिए राजनीतिक लाभ लेने के लिए दंगा कराया.”

एक व्यक्ति की मौत के बाद भड़की थी Bahraich violence

धार्मिक जुलूस के दौरान गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत के बाद प्रदर्शनकारियों ने दुकानों, वाहनों और एक अस्पताल में आग लगा दी.
रेहुआ मंसूर गांव के निवासी 22 वर्षीय राम गोपाल मिश्रा की 13 अक्टूबर को सांप्रदायिक झड़प के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
महाराजगंज में एक पूजा स्थल के बाहर तेज आवाज में संगीत बजाने को लेकर हुए विवाद के कारण सांप्रदायिक संघर्ष शुरू हुआ था। घटना सांप्रदायिक हिंसा में बदल गई, जिसके कारण इलाके में आगजनी और तोड़फोड़ हुई और चार दिनों तक इंटरनेट बंद रहा.

2 आरोपियों को पुलिस ने मारी गोली

13 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक मिश्रा की हत्या और उसके बाद हुई हिंसा के संबंध में जिले में कम से कम 11 एफआईआर दर्ज की गईं.
लगभग 1,000 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किये गये, जिनमें छह नामजद व्यक्ति भी शामिल हैं.
मिश्रा की हत्या के आरोपी दो लोगों को पिछले सप्ताह पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मार दी थी. वे नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे. सांप्रदायिक हिंसा के मद्देनजर एक स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) और एक पुलिस चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया, जबकि सर्किल ऑफिसर रूपेंद्र गौर, तहसीलदार रविकांत द्विवेदी और जिला सूचना अधिकारी गुलाम वारिस सिद्दीकी को उनके पदों से हटा दिया गया.

बुलडोज़र कार्रवाई पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक

इस बीच, उत्तर प्रदेश प्रशासन ने आसपास के कई लोगों को मकान ढहाने का नोटिस थमा दिया. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इन लोगों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए और समय दिया है. पीठ ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 23 अक्टूबर तय की है.

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