इंडिया गठबंधन के बाद अब प्रशांत किशोर भी ढूंढ रहे हैं वोट चोरी के सबूत,नीतीश पर लगाया वोट खरीदने का आरोप

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर एक तरफ जहां इंडिया गठबंधन परेशान है, वहीं जन सुराज के संस्थापक और चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर Prashant Kishore भी हैरान है. किशोर की पार्टी बिहार के सभी लगभग सीटो पर चुनाव लड़ी थी लेकिन उनका खाता तक नहीं खुला. साढ़े तीन साल से बिहार में घूम-घूम कर राजनीति और सत्ता बदलने की कोशिश में लगे किशोर की पार्टी का हाल कुछ ऐसा रहा कि 243 सीटों में से 238 सीटों पर जन सुराज पार्टी ने प्रत्याशी उतारे, जिनमें से 236 सीटों पर उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई.
मंगलवार को पटना में हार की जिम्मेदारी लेने प्रशांत किशोर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की लेकिन पत्रकारों के जेडीयू को 25 सीटो से ज्यादा आने पर राजनीति छोड़ने के उनके पुराने बयान पर सवाल पूछने पर किशोर भड़क गए और नीतीश कुमार से लेकर चुनाव आयोग तक पर सवाल खड़े कर दिए.

नीतीश कुमार ने 10,000 देकर खरीदे वोट-Prashant Kishore

प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार पर वोट खरीदने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार और उनकी जीत के बीच सिर्फ़ एक ही बात है — हर विधानसभा सीट पर ₹10,000 में 60,000 वोट खरीदना. यह साफ़ होना चाहिए कि यह वोट खरीदना था या सेल्फ़-एम्प्लॉयमेंट प्रोग्राम का हिस्सा था.”


प्रशांत किशोर ने जीविका दीदीयों को चुनाव ड्यूटी पर बैठाने को लेकर चुनाव आयोग को भी घेरा और आरोप लगाया की उनके जरिए वोट डलवाए गए.

मधुबनी का उदाहरण दे पूछा 10 दिन में कैसे मिले 1 लाख वोट

चुनाव आयोग और नीतीश सरकार पर भड़के प्रशांत किशोर ने मधुबनी विधानसभा सीट का उदाहरण देते हुए कहा कि, “हमने अपने लोगों को वहां भेजा और पुछवाया की उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी का सिंबल क्या है. 30 प्रतिशत लोगों को उनकी पार्टी का सिंबल नहीं पता है.“
प्रशांत किशोर यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि, “ऐसी कौन सी विधा है कि हम तीन साल से लोगों के बीच कम कर रहे है लेकिन लोगों को जनसुराज का सिंबल नहीं पता और दूसरी तरफ एनडीए के प्रत्याशी 10 दिन पहले आते है और उन्हें विधानसभा में एक लाख से ज्यादा वोट मिल जाते है. “

भले ही प्रशांत किशोर ने सीधे चुनाव आयोग पर हमला नहीं बोला लेकिन नीतीश सरकार पर हमला कर उन्होंने चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठा दिए.

एनडीए सरकार को दिया Prashant Kishore ने दिया नया चैलेंज

प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार की सरकार को एक नई चुनौती देते हुए कहा कि अगर सरकार राज्य की 1.5 करोड़ महिलाओं को ₹2 लाख देने का अपना वादा पूरा करती है, तो वह “पक्का” राजनीति छोड़ देंगे.
किशोर ने कहा, “लोग JD(U) के 25 सीटें जीतने पर मेरे बयान के बारे में बहुत बात कर रहे हैं – मैं अब भी उस पर कायम हूं. अगर नीतीश कुमार 1.5 करोड़ महिलाओं को उनके वादे के मुताबिक ₹2 लाख ट्रांसफर करते हैं और यह साबित करते हैं कि वह वोट खरीदकर नहीं जीते हैं, तो मैं बिना किसी शक के राजनीति छोड़ दूंगा.”

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