Sunday, February 22, 2026

पहली बार तालिबान के प्रतिनिधि मेहमान बनकर पहुंचे भारत,कहा आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं होने देंगे अपनी धरती का इस्तेमाल

Afgan Foreign Minister Delhi Visit : अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार की स्थापना के 4 साल के बाद ये पहला मौका है जब अफगान सरकार के प्रतिनिधि के रुप में अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर ख़ान मुत्तक़ी एक प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली आये हैं. मुतक्की अपने प्रतिनिधि मंडल के साथ इस समय दिल्ली में हैं. अफगानी विदेश मंत्री मुतक्की ने शुक्रवार को भारत के विदेशमंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की. मुलाकात के बाद मुत्ताकी ने भारत के साथ अपने संबंधो को लेकर कहा कि अफगानिस्तान में जब हाल के समय में भूकंप आया तो सबसे पहले प्रतिकिया देने वालों मे भारत ही था. मुत्ताकी ने कहा कि अफगानिस्तान भारत को अपना घनिष्ट मित्र मानता है.

भारत ने काबुल में खोला अपना दूतावास

शुक्रवार को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और अफगानी विदेश मंत्री आमिर खान मुतक्की के बीच प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक हुई. इस बैठक में भारत ने फैसला किया कि एक बार फिर से भारत काबुल में चल रहे अपने टेक्निकल दूतावास को पूरी तरह से ऑपरेशनल करेगा. चार साल पहले तालिबानी उथल पुथल के बीच काबुल में कई देशों के दूतावास बंद कर दिया गया थे, वहीं भारत का केवल टेकिनिकल दूतावास ही काम कर रहा था. अब दोनों देशो के बीच संबंध बेहतर होने के बाद भारत सरकार ने काबुल में अपने दूतावास को पूरी तरह से ऑपरेशन कर दिया है.

विदेशमंत्री जयशंकर ने की पहलगाम हमले की बात

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अफगान विदेश मंत्री आमिर खान मुतक्की के साथ हुई बैठक को दोनों देशो के संबंधो को उंचाई पर ले जाने वाली बैठक बताया . इस बीच विदेशमंत्री ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भी जिक्र किया और अफगानिस्तान की एकजुटता और भारत की सुरक्षा चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता की सराहना भी की. उन्होंने कहा कि  भारत लंबे समय से अफगानिस्तान के साथ उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा , कोविड महामारी और अन्य प्राकृतिक आवदा के समय साथ रहा है और अब दोनों देश  नई परियोजनाओं के लिए प्रतिबद्ध हैं. वहीं अफगानी विदेश मंत्री आमीर मुतक्की ने भारत को आश्वासन दिलाया कि काबुल “किसी भी देश के ख़िलाफ़ अपनी ज़मीन का इस्तेमाल नहीं होने देगा.”

भारत अफगानिस्तान को देगा मेडिकल उपकरणों की मदद

भारत ने अफगानिस्तान को सद्भावना के संकेत के रुप में 20 एम्बुलेंसों का उपहार दिया. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने खुद ये एंबुलेंसस अफगानी विदेशमंत्री को दिल्ली में सौंपा.

भारत अफगानिस्तान को एबुलेंस के साथ-साथ अस्पतालों के लिए एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें भी देगा.इसके साथ ही आम लोगों की मदद के लिए टीकाकरण और कैंसर की दवाइयां भी पहुंचाएगा. भारत यूएनओडीसी के माध्यम से दवा पुनर्वास सामग्री भी अफगनिस्तान को प्रदान करेगा.

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