UP Panchayati Raj लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का पंचायती राज विभाग पिछले पांच वर्षों में ग्रामीण विकास, डिजिटल सुशासन, स्वच्छता और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर प्रदेश में विकास का नया इतिहास रचा है. ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों का असर अब गांवों में साफ दिखाई दे रहा है.
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की समीक्षा के दौरान पेश किये गये रिपोर्ट में बताया गया कि पंचायती राज विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई दिशा देने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया है.
UP Panchayati Raj:57,694 ग्राम पंचायतों में स्थापित हुए सचिवालय
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा ग्रामीण राज्य है. यहां वर्तमान में 57,694 ग्राम पंचायतें हैं और लगभग 15.53 करोड़ लोग ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं, जो प्रदेश की कुल आबादी का करीब 78 प्रतिशत है.
Yogi2.0 सरकार के कार्यकाल में सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय स्थापित किए गए हैं. इसके साथ ही 24,311 पंचायत भवनों का निर्माण कराया गया है. इन सचिवालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, जहां फर्नीचर, कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.
इन सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ गांव स्तर पर ही मिलने लगा है, जिससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी और पारदर्शिता आई है.
डिजिटल पंचायतों ने बढ़ाई पारदर्शिता
ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए प्रदेश में 54,958 कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) संचालित किए जा रहे हैं. इन केंद्रों के माध्यम से अब तक 49.38 लाख से अधिक सेवाएं ग्रामीण नागरिकों को प्रदान की जा चुकी हैं.
डिजिटल सेवाओं के कारण प्रमाण पत्र, सरकारी योजनाओं के आवेदन, पेंशन, बैंकिंग और अन्य आवश्यक सेवाएं गांव स्तर पर ही उपलब्ध हो रही हैं. इससे ग्रामीणों का समय और खर्च दोनों बच रहे हैं.
सरकार का मानना है कि डिजिटल पंचायतों ने न केवल प्रशासन को अधिक पारदर्शी बनाया है बल्कि पंचायतों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है.
स्वच्छ भारत मिशन में यूपी ने बनाई अलग पहचान
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत उत्तर प्रदेश ने देशभर में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है. सामुदायिक शौचालय निर्माण के क्षेत्र में प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी स्थान प्राप्त किया है.
राज्य के हजारों गांवों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (Solid and Liquid Waste Management), ग्रे-वाटर मैनेजमेंट और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन जैसी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया गया है.
इन पहलों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता का स्तर बेहतर हुआ है और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिली है.
‘वेस्ट टू वेल्थ’ मॉडल से बढ़ी पंचायतों की आय
योगी सरकार ने पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए ‘वेस्ट टू वेल्थ’ मॉडल को बढ़ावा दिया है. इस मॉडल के तहत कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और पुनर्चक्रण के माध्यम से पंचायतों को अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है.
कई पंचायतों ने जैविक खाद, प्लास्टिक रीसाइक्लिंग और अन्य संसाधनों के उपयोग से अपनी आय में वृद्धि की है. इससे ग्राम पंचायतों की आत्मनिर्भरता भी मजबूत हुई है.
जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों को मिला प्रशिक्षण
पंचायती राज विभाग ने केवल आधारभूत ढांचे पर ही नहीं, बल्कि मानव संसाधन विकास पर भी विशेष ध्यान दिया है. विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाखों पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है.
इस प्रशिक्षण के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों को आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था, डिजिटल तकनीक और सरकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन की जानकारी दी गई है.
डिजिटल लाइब्रेरी और पंचायत गेटवे जैसे नवाचार
ग्रामीण प्रशासन को आधुनिक स्वरूप देने के लिए विभाग ने कई नवाचार भी किए हैं. पंचायत गेटवे पोर्टल, डिजिटल लाइब्रेरी और परिवार रजिस्टर के डिजिटलीकरण जैसी योजनाओं ने पंचायत व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया है.
इन पहलों से सरकारी रिकॉर्ड का डिजिटल संरक्षण संभव हुआ है और ग्रामीणों को जानकारी प्राप्त करने में आसानी हुई है.
आने वाले वर्षों के लिए तैयार है नया रोडमैप
पंचायती राज विभाग ने भविष्य के लिए भी कई महत्वाकांक्षी योजनाएं तैयार की हैं. इनमें ‘मेरा तालाब-मेरी जिम्मेदारी’, फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट, डिजिटल लाइब्रेरी विस्तार, पंचायत उत्सव भवन और मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार जैसी योजनाएं प्रमुख हैं.
इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और पंचायतों को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है.
गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम
पिछले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश के पंचायती राज विभाग द्वारा किए गए कार्यों ने यह साबित किया है कि यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो तो गांवों की तस्वीर बदली जा सकती है. डिजिटल सेवाओं, स्वच्छता अभियानों, मजबूत आधारभूत ढांचे और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए गए कदमों ने प्रदेश की ग्राम पंचायतों को विकास के नए मॉडल के रूप में स्थापित किया है.
योगी सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में पंचायतों को और अधिक सशक्त, आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है, ताकि ग्रामीण विकास की यह गति लगातार बनी रहे.

