अब यूपी के बच्चे दिखाएंगे दुनिया में दम! वैज्ञानिक सोच और पर्यावरण ज्ञान को मिलेगी नई उड़ान

Wild Wisdom Global Challenge 2026 लखनऊ  : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार स्कूली शिक्षा को वैश्विक प्रतिस्पर्धा और पर्यावरणीय जागरूकता से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है. WWF-India (वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर-इंडिया) द्वारा आयोजित ‘वाइल्ड विज्डम ग्लोबल चैलेंज-2026’ के माध्यम से कक्षा 6 से 9 तक के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा.

यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता और वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है.

Wild Wisdom Global Challenge 2026 में15 अगस्त तक होंगे पंजीकरण

महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि 15 अगस्त तक अधिकतम पात्र विद्यार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए. इसके साथ ही परिषदीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूलों में प्रतियोगिता की जानकारी समय पर पहुंचाने के भी निर्देश दिए गए हैं.

विद्यालयों को छात्रों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने तथा प्रतियोगिता के प्रत्येक चरण में आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने को कहा गया है.

समुद्री जैव विविधता होगी इस बार की थीम

इस वर्ष प्रतियोगिता की थीम ‘An Ocean Odyssey: From the Coastline to the Seafloor’ रखी गई है. इसके तहत विद्यार्थी समुद्री जैव विविधता, समुद्री जीव-जंतुओं, पारिस्थितिकी तंत्र, जलवायु परिवर्तन और महासागरों के संरक्षण जैसे विषयों का अध्ययन करेंगे. इस पहल का उद्देश्य छात्रों को पर्यावरणीय चुनौतियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने के लिए प्रेरित करना है.

ई-लर्निंग और विशेषज्ञों का मिलेगा साथ

प्रतियोगिता की तैयारी के लिए WWF-India विद्यार्थियों को ई-लर्निंग स्टडी मैटेरियल, ऑनलाइन प्रैक्टिस मॉड्यूल, विषय विशेषज्ञों के विशेष सत्र और अन्य डिजिटल अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराएगा. इससे छात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए बेहतर तैयारी कर सकेंगे.

पांच चरणों में होगी प्रतियोगिता

प्रतियोगिता का आयोजन पांच स्तरों पर किया जाएगा—

  • विद्यालय स्तर
  • राज्य स्तर
  • जोनल स्तर
  • राष्ट्रीय स्तर
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर

विद्यालय स्तर की ऑनलाइन प्रतियोगिता से शुरुआत होगी। इसके बाद चयनित विद्यार्थी राज्य, जोनल और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे. राष्ट्रीय विजेता टीम अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेगी.

विजेताओं को मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों, शिक्षक समन्वयकों और विद्यालयों को ट्रॉफी, पदक, प्रमाणपत्र और अन्य पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे.

योगी सरकार का मानना है कि इस तरह की पहलें विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रखतीं, बल्कि उन्हें प्रकृति, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण की व्यावहारिक समझ भी देती हैं. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) की भावना के अनुरूप यह पहल नई पीढ़ी को वैज्ञानिक, जागरूक और वैश्विक सोच वाला नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

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