Narottam Mishra Datia Protest : मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. टिकट वितरण से नाराज उनके समर्थकों ने दतिया में जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए. इस बीच नरोत्तम मिश्रा का पहला बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपने समर्थकों से संयम और शांति बनाए रखने की अपील की है.
Narottam Mishra Datia Protest : समर्थकों से बोले- हिंसक रास्ता ना अपनाएं
शनिवार (11 जुलाई) को नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पार्टी के निर्णयों का सम्मान करना हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी तरह की हिंसा या ऐसा कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जिससे आम लोगों को परेशानी हो.
उन्होंने कहा,
“मैंने कल भी यही कहा था और आज भी यही कहूंगा कि यह पार्टी का फैसला है. पार्टी में निर्णय एक तय प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं. कार्यकर्ता ऐसा कोई काम न करें जिससे किसी को परेशानी हो.”
पेट्रोल-केरोसीन वाले वीडियो पर जताई चिंता
नरोत्तम मिश्रा ने सोशल मीडिया पर वायरल उन वीडियो का भी जिक्र किया, जिनमें कुछ प्रदर्शनकारी पेट्रोल और केरोसीन डालते हुए दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने ऐसे कृत्यों को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि असहमति जताने के लोकतांत्रिक और संगठनात्मक तरीके मौजूद हैं.
उन्होंने कहा कि पार्टी के मंच पर अपनी बात रखी जा सकती है, लेकिन विरोध का स्वरूप हिंसक नहीं होना चाहिए.
टिकट नहीं मिलने पर क्या कहा?
बीजेपी से टिकट नहीं मिलने पर नरोत्तम मिश्रा ने दोहराया कि यह पूरी तरह पार्टी का फैसला है और सभी कार्यकर्ताओं को इसका सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि विचार और असहमति संगठन के भीतर उचित मंच पर रखी जानी चाहिए, न कि इस तरह के प्रदर्शनों के जरिए.
भोपाल में भी हो सकता है विरोध प्रदर्शन
सूत्रों के अनुसार, नरोत्तम मिश्रा के समर्थक अब भोपाल में भी विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि प्रदेश बीजेपी कार्यालय के घेराव की योजना बनाई जा रही है. वहीं, नरोत्तम मिश्रा के दिल्ली रवाना होने की भी जानकारी सामने आई है.
ग्वालियर-झांसी हाईवे पर हुआ था लंबा चक्का जाम
शुक्रवार देर रात से शुरू हुए प्रदर्शन के दौरान समर्थकों ने ग्वालियर-झांसी हाईवे को लगभग 11 से 12 घंटे तक जाम रखा. पुलिस द्वारा समझाने की कोशिश के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने. बाद में स्थिति बिगड़ने पर पत्थरबाजी हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा.
दतिया उपचुनाव पर सबकी नजर
दतिया विधानसभा उपचुनाव अब केवल एक चुनावी मुकाबला नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश बीजेपी की अंदरूनी राजनीति का बड़ा केंद्र बन गया है. नरोत्तम मिश्रा के बयान के बाद यह देखना अहम होगा कि उनके समर्थक शांति बनाए रखते हैं या विरोध का सिलसिला आगे भी जारी रहता है.

